हिंदू-मुस्लिम को मोहरा बनाकर नफरत फैलाते वीडिया का सच क्या है?
पूरे वीडियो को हिंदू बनाम मुसलाम बनाकर पेश किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, ‘’गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना से नाराज़ खास समुदाय ने दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला किया.’’

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर ये वीडियो आग की तरह फैल रहा है. इस वायरल वीडियो के जरिए दो संप्रदायों के बीच फूट डालने की साजिश रची जा रही है. इस वीडियो को दिल्ली के होने का दावा किया जा रहा है. ये वीडियो 4 मिनट 2 सेकेंड का है. वीडियो में दावा है एक खास संप्रदाय के लोग दूसरे संप्रदाय के लोगों को परेशान कर रहे हैं.
क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि वायरल वीडियो दिल्ली के ओखला मंडी का है, जहां एक संप्रदाय के करीब 150 लोगों ने दूसरे संप्रदाय के लोगों के घरों में घुस कर हंगामा किया. इस पूरे वीडियो को हिंदू बनाम मुसलाम बनाकर पेश किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, ‘’गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना से नाराज़ खास समुदाय ने दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला किया.’’
पड़ताल में सामने आया कि 22 सितंबर 2018 का ये वीडियो दिल्ली के ओखला मंडी के पास श्रीनिवासपुरी के गांधी कैम्प का है, लेकिन वीडियो के साथ भेजे जा रहे मैसेज में पूरी बात नहीं बताई जा रही है. जांच में सामने आया कि विवाद दो समुदायों में नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच का है, जिसकी शिकायत पुलिस के पास भी पहुंची.
विवाद की वजह और सच्चाई क्या है?
इस विवाद में घायल हुए शाहनवाज ने बताया, ‘’बजरंग दल का गणेश पंडाल लगा था. संतोष नाम का आदमी बोला कि दान पेटी में 551 दान डालो. मैंने कहा हमारा मजहब नहीं है और मेरे पास पैसे भी नहीं हैं. मुझसे माथा टेकने के लिए कहा. मैंने मना किया तो धक्का मार दिया.’’ शाहनवाज का आरोप है कि संतोष और उसके साथियों नें सिर्फ उसको ही नहीं बल्कि उसके मामा से भी मारपीट की. सिर्फ शाहनवाज नहीं, उसके भाई सुफियान को भी मारा गया. शाहनवाज का कहना है कि वीडियो से अफवाह फैलाई जा रही है.
दावे में कितनी सच्चाई है?
संतोष नाम का शख्स, जिनका जिक्र शाहनवाज ने भी किया था. उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. संतोष की पत्नी मंजू ने बताया, ‘’हम लोग हर साल गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं. इस बार धमकी दी कि गणेश स्थापना करेंगे तो कुछ ना कुछ जरूर करेंगे. 12 बजे कुछ मुसलमानों ने झगड़ा किया. उसके बावजूद लड़कों ने समझा दिया. रात में रॉड, पत्थर लेकर कुछ लोग पहुंचे और गाली गलोज की.’’ पत्नी का कहना है कि संतोष के खिलाफ फर्जी आरोप लगाया गया है.
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन वो कैमरे पर आकर इस मामले में कुछ कहना नहीं चाहती. पुलिस ने इस मामले में दर्ज कुल तीन FIR दर्ज की हैं और संतोष उसके भाई, आसिफ और कादिम सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि पुलिस ने विवाद के पीछे गणपति मूर्ति की स्थापना और गणपति पंडाल लगाये जाने वाले मैसेज को अफवाह बताया है.
वायरल सच की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल वीडियो में सिर्फ एक पक्ष दिखाया जा रहा है. ये दो अलग समुदायों का नहीं दो परिवारों का विवाद है. नफरत फैलाने का एजेंडा लेकर वीडियो को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाकर पेश किया जा रहा है. पुलिस ने दोनों परिवारों के सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पड़ताल में वीडियो दिखाकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा झूठा निकला.

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Source: IOCL























