तेलंगाना: विधानसभा भंग होते ही चढ़ा चुनावी रंग, मैदान में साउथ के 'योगी' को उतारेगी बीजेपी
भगवाधारी इस नेता को उतारने का मकसद हैदराबाद में एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

हैदराबाद: तेलंगाना में विधानसभा भंग होते ही राज्य में चुनावी रंग चढ़ता दिख रहा है. एक ओर टीआरएस प्रमुख और एक्टिंग सीएम केसीआर एक के बाद एक रैली कर रहे हैं वहीं दक्षिण में बीजेपी का पताका फहराने के लिए आरएसएस ने साउथ का योगी आदित्यनाथ तलाशा है. योगी आदित्यनाथ की तरह परिपूर्णानंद का चेहरा हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए आगे लाया जा रहा है. तेलंगाना के राजनीतिक पैटर्न को देखते हुए बीजेपी यहां हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के प्रयास में जुट गई है.
इसके लिए पार्टी योगी आदित्यनाथ जैसी छवि वाले साधु से नेता बने परिपूर्णानंद स्वामी को मैदान में उतारने जा रही है. उत्तर भारत के लगभग सभी बड़े राज्यों में बीजेपी सरकारें चला रही है. अब बीजेपी की नजर दक्षिण के राज्यों पर है. कर्नाटक में सबसे बड़ा दल होने के बाद भी सरकार बनाने में नाकाम रही बीजेपी तेलंगाना में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुट गई है. तेलंगाना में बीजेपी का पताका फहराने के लिए आरएसएस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरीखे नेता को लॉन्च करने की तैयारी में है.
भगवाधारी वस्त्र धारण करने वाले परिपूर्णानंद स्वामी की लॉन्चिंग के लिए सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी, वीएचपी, आरएसएस, बजरंग दल सहित सभी हिंदू संगठनों के लोग एकजुट होकर परिपूर्णानंद स्वामी को लॉन्च करेंगे. चर्चा है कि परिपूर्णानंद स्वामी को हैदराबाद की किसी लोकसभा या विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है.
भगवाधारी इस नेता को उतारने का मकसद हैदराबाद में एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. ओवैसी जहां मुस्लिमों की राजनीति करते हैं, ऐसे में उन्हें टक्कर देने के लिए परिपूर्णानंद हिंदू चेहरे के रूप में उतारे जा सकते हैं.
हाल ही में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने परिपूर्णानंद से अकेले में मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्हें बड़े स्तर पर लाॉन्च करने की बातें आ रही हैं. खुद परिपूर्णानंद ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि उन्होंने मोहन भागवत से मुलाक़ात की थी और कई अहम चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि जो भी ज़िम्मेदारी उन्हें दी जायेगी वे दिल खोलकर उसे पूरा करेंगे.
तेलंगाना में फिलहाल बीजेपी इतनी मजबूत नहीं है ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किस तरह आरएसएस और बीजेपी का यह कदम राज्य में उनके लिए कारगर साबित होता है.
इस बारे में बात करते हुए स्वामी परिपूर्णानंद ने कहा, तेलंगाना में बीजेपी कमज़ोर पार्टी नहीं. समाज में अगर धर्म की प्रतिष्ठा करनी है तो राजयोगी बन सकते है. अगर मुझे यह मौका दिया गया तो मैं हटूंगा नहीं. हां मोहन भागवत जी से भी मिला हूं कि धर्म की स्थापना के लिए किस प्रकार काम किया जा सकता है. हिंदुत्व को आगे रखना. प्रचार के माध्यम से या राजनीति के माध्यम से हिन्दू धर्म को प्रतिष्ठित करना इस पर चर्चा हुई.
मैंने वादा किया है कि इसको लेकर मेरा जो योगदान चाहिए हम दिल खोलकर करेंगे. मेरे बयानों से शायद वो डर गए हैं कि कहीं हिन्दुओं का ध्रुवीकरण ना हो जाए इसलिए मुझे तड़ीपार किया गया. विरोधी मेरी एंट्री से घबराएं. चुनाव लडने की बात अलग और बाद की बात, फिलहाल आना और किस तरह काम करना है इस पर चर्चा है.
परिपूर्णानंद ने आगे बात करते हुए कहा, सिर्फ तेलंगाना या सिर्फ हिन्दुओं के वोट नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण में एक शीलवान पुरुष लोगों को जगा सकता है. भगवान की कृपा हो तो शत प्रतिशत करेंगे. मुझे साउथ का योगी आदित्यनाथ कहा जा रहा है. राजनीति में योगीजी आज बड़ा चेहरा हैं और यहां भी मेरी चर्चा है तो तुलना तो होगी ही. चर्चा अभी चल रही है.




















