तमिलनाडु के CM बनने जा रहे TVK चीफ विजय, मां-पिता का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?
टीवीके चीफ सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर उनके मां-बाप काफी खुश दिखे. शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही टीवीके राज्य में अपनी पहली सरकार बनाएगी.

तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय आज रविवार (10 मई) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. राज्य में द्रविड़ पार्टियों के तीन दशक पुराने वर्चस्व को तोड़ते हुए दक्षिण के इस सुपरस्टार की पार्टी ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है.
इस अवसर पर विजय के पिता और निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वे उस पल का आनंद लेंगे, जब उनका बेटा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा. उन्होंने एएनआई को बताया कि मैं बहुत खुश हूं. हम समारोह में शामिल होंगे. मैं अपने बेटे को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते हुए देखने का आनंद लूंगा.
क्या बोलीं विजय की मां शोभा
विजय की मां शोभा भी बेहद खुश दिखीं. उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं. आज मातृ दिवस है. शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे निर्धारित है, जहां कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. विजय विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटें हासिल करने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे.
राहुल गांधी भी होंगे शामिल
शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही टीवीके राज्य में अपनी पहली सरकार बनाएगी और विजय मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने शनिवार को टीवीके नेता सी जोसेफ विजय को राज्य का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया और उनसे 13 मई से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा.
शपथ ग्रहण के बाद विजय डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन से बाहर के पहले नेता होंगे, जो 1967 के बाद तमिलनाडु सरकार का नेतृत्व करेंगे. विजय जिन्हें अक्सर 'थलपति' कहा जाता है उन्होंने चुनावी रैलियों में लोगों को आकर्षित करने की ऐसी क्षमता दिखाई, जिसकी तुलना कई लोगों ने अभिनेता से राजनेता बने और पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन से की है.
विजय ने द्रविड़ राजनीति को अपनाया
तमिलनाडु में अभिनेताओं के राजनीति में प्रवेश करने और सफलता हासिल करने का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन कैप्टन विजयकांत के बाद राज्य को एक और सितारे के आने का इंतजार था. विजय ने द्रविड़ राजनीति को अपनाया और खुद को पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के विकल्प के रूप में पेश किया है.
28 अक्टूबर 2024 को अपने पहले राजनीतिक भाषण में विजय ने पेरियार को अपना वैचारिक नेता बताया और साथ ही यह भी कहा कि पार्टी उनके नास्तिकतावाद को नहीं अपनाएगी. उन्होंने धर्मनिरपेक्ष राजनीति के बारे में मुखर रहते हुए अपनी ईसाई पहचान को भी अपनाया है.
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