अयोध्या मामले में मध्यस्थता कमेटी बनने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई, कमेटी सौंप सकती है रिपोर्ट
राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में मध्यस्थता कमेटी बनने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई होगी. तीन सदस्यों वाली कमेटी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

नई दिल्ली: अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी. मध्यस्थता कमिटी आज अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. 8 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज एफ एम कलीफुल्ला, धर्म गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचु को मध्यस्थ नियुक्त किया गया था. शीर्ष अदालत ने सभी पक्षों से बात कर मसले का सर्वमान्य हल निकालने को कहा था.
कोर्ट ने तब आदेश में कहा था कि मध्यस्थ 1 हफ्ते में अपना काम शुरू कर दें. बातचीत फैज़ाबाद में हो. इसके लिए जगह और दूसरी जरूरी सुविधाएं उत्तर प्रदेश सरकार दे. 5 जजों की बेंच की तरफ से फैसला पढ़ते वक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि बातचीत बंद कमरे में होगी, उसे गोपनीय रखा जाएगा. कोर्ट ने कहा था कि इस दौरान की जा रही बातों की मीडिया रिपोर्टिंग न हो.

तीनों मध्यस्थ का फैसला अगर सभी पक्षों को स्वीकार होगा तो सुप्रीम कोर्ट औपचारिक आदेश दे सकता है. अगर हल नहीं निकलता है तो सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी. ध्यान रहे कि अयोध्या विवाद के मुस्लिम पक्षकार बातचीत में गोपनीयता बरते जाने की शर्त पर मध्यस्थता के लिए तैयार हुए थे. निर्मोही अखाड़ा ने भी बातचीत के टेबल पर बैठने की सहमति दी थी. लेकिन अहम पक्षकार रामलला विराजमान इसके लिए तैयार नहीं था. रामलला के वकील ने मध्यस्थता की कोशिश का विरोध किया.
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 याचिकाएं दायर हुई हैं. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि तीनों पक्षकारों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर बांट दी जाए.
Source: IOCL

























