जेपी एसोसिएट्स को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, समय सीमा के भीतर जमा करें 200 करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट ने आज जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेपी एसोसिएट्स) को 10 मई तक दो किश्तों में 200 करोड़ रूपये जमा करने को कहा है. शीर्ष अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. अदालत ने कहा कि 15 अप्रैल को अदालत देखेगी कि उसके आदेश का पालन हुआ या नहीं.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जेपी एसोसिएट्स (जेएएल) को 200 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है. अदालत ने अपना पैसा वापस मांग रहे 2,800 घर खरीदारों की मूल राशि के कुछ हिस्से के भुगतान के तौर पर यह रकम जमा कराने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने 15 अप्रैल तक 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त और उसके बाद 10 मई को बाकी बचे 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है.
शीर्ष अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. अदालत ने कहा कि 15 अप्रैल को अदालत देखेगी कि उसके आदेश का पालन हुआ या नहीं. अदालत ने साथ ही कहा कि अपना पैसा वापस मांग रहे खरीदारों को यह रकम अनुपातिक (प्रो राटा) आधार पर बांटी जाएगी.
2 मई 2016 को, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को फ्लैटों के वास्तविक अधिकार सौंपने की अंतिम तिथि तक 10 फ्लैट खरीदारों द्वारा जमा किए गए धन पर 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया था. जिसे फिर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.
इसके अलावा, एनसीडीआरसी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को 10 फ्लैट खरीदारों में प्रत्येक को 50,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था. जयप्रकाश एसोसिएट्स ने 2007 में कल्यापसो कोर्ट के प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, जिसमें 16 आवासीय फ्लैट बनाए जाने थे. इसे 2011 तक पूरा करने का प्रस्ताव था.
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