भारत में पहली बार एडवांस स्पाइन रोबोटिक्स सिस्टम के जरिए हुआ रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन
भारत में पहली बार इंडियन स्पाइनल इंजुरीज सेंटर (ISIC) में रोबोटिक मशीन से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया. इस तकनीक से मरीज को कम परेशानी होती है.

नई दिल्ली: आनेवाले वक्त में भारत में अगर ये कहें कि आपका ऑपरेशन या इलाज रोबोट करेंगे तो ये गलत नहीं होगा. देश की राजधानी दिल्ली के इंडियन स्पाइनल इंजुरीज सेंटर में ऐसे ही रोबोट के जरिए स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया है. जिसमें डॉक्टरों और रोबोटिक मशीन ऑपरेशन कर रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक इस तकनीक से न सिर्फ सही और सटीक ऑपरेशन हो रहा है बल्कि मरीज को भी कम दर्द है.
इलाहबाद की रहनेवाली प्रीति पांडे आज से कुछ दिन पहले तक ये ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती थी ना ही चल सकती थी. उनकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी में कर्व आ गया था. ऐसे में जल्द ऑपरेशन करना जरूरी हो गया. तभी डॉक्टरों ने एडवांस स्पाइन रोबोटिक सिस्टम के जरिए ऑपरेट करने का फैसला किया.
डॉक्टर के मुताबिक, इस रोबोटिक सिस्टम के इस्तेमाल से ना ही शरीर में ऑपरेशन के दौरान कट लगाने की जरूरत पड़ी ना ही कोई ब्लीडिंग हुई. खास बात ये है कि प्रीति पांडे का ऑपरेशन 8 जुलाई को हुआ था और आज वो दो दिन बाद चल फिर भी सकती हैं.स्पाइन ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द भी न के बराबर है. प्रीति ने बताया कि ये उनका चौथा ऑपरेशन है. पहला ऑपरेशन सही हुआ लेकिन बाद में रेक्टिफिकेसन की जरूरत पड़ी. उनकी गर्दन झुकने लगी और रीढ़ की हड्डी पर दबाव भी बढ़ने लगा, जिसके बाद दोबारा सर्जरी की जरूरत पड़ी.
डॉक्टरों के मुताबिक इस मशीन में सॉफ्टवेयर के जरिए पेशंट की सारी जानकारी फीड कर दी जाती है जिससे ऑपरेशन के वक़्त मशीन अपना काम सही और एक्यूरेट तरीके से करे. इसमें एक इनबिल्ट 3डी स्कैनिंग कैमरा लगा है जिसे मशीन अपने आप मरीज का ऑपरेशन से पहले और बाद में स्कैन कर लेती है.
एडवांस स्पाइन रोबोटिक्स सिस्टम की वजह से पूरी रीढ़ की हड्डी के पास लंबा या बड़ा कट लगाने की जरूरत नहीं है ये एक छोटे से कट से पूरा काम कर लेती है.
इस तकनीक के जरिए अब तक पांच लोगों की रीढ़ का सफल ऑपरेशन कर चुके इंडियन स्पाइनल इंजुरीज़ सेंटर के डॉ एच एस छाबड़ा बताते हैं कि इस तकनीक से न सिर्फ सही और सटीक ऑपरेशन हो पाएगा बल्कि कई बार दोबारा रेक्टीफिकेशन के लिए होनेवाले ऑपरेशन की भी जरूरत नहीं होगी.
रोबोटिक सिस्टम के जरिए ये ऑपरेशन की तकनीक उन कई लोगों के लिए राहत की खबर है जो हड्डी खासकर रीढ़ की हड्डी की बीमारी से परेशान हैं.
Source: IOCL























