आतंकियों की गोलियों की बौछार के बीच 3 साल के बच्चे को CRPF जवान ने किया रेस्क्यू, जानें उनके बारे में
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हो रहा है जिसमें आतंकियों के गोलियों के शिकार बने एक वृद्ध के शव के पास उनका पोता रो रहा है.

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के सोपोर में एक मस्जिद में छिपे आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के एक गश्ती दल पर गोलीबारी की जिसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि एक आम नागरिक मारा गया. सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तरफ से गोलियों की बौछार के बीच मारे गए आम नागरिक के तीन साल के पोते को बचा लिया. इस घटना का हृदय विदारक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
अधिकारियों ने घटना के बारे में बताया कि जब लोग हमले के बाद जान बचाने के लिये वहां से भाग रहे थे तभी अपने पोते के साथ कार में सफर कर रहे 60 वर्षीय बशीर खान अपनी कार छोड़ जान बचाने के लिये भागे, लेकिन वो मारे गए. जिसके बाद बच्चा दादा के शव के पास रोने लगा.
जब सीआरपीएफ कर्मियों ने बच्चे को अपने दादा के शव के पास रोते हुए देखा तो उनमें से एक उसे बचाने के लिये आगे बढ़ा जबकि उसके साथियों ने उसे सुरक्षा प्रदान करने के लिये कवर फायर दिया. बच्चे को बचाने वाले सुरक्षाकर्मी पवन कुमार चौबे की जमकर तारीफ हो रही है.
सुरक्षा बलों द्वारा बचाए गए बच्चे की तस्वीर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डालते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लिखा, “सोपोर में आतंकी हमले के दौरान मुठभेड़ में एक तीन साल के बच्चे को गोली लगने से बचाया गया.”
JKP #rescued a three years old boy from getting hit by bullets during #terrorist #attack in #Sopore. @JmuKmrPolice pic.twitter.com/hzqGGvG7yN
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) July 1, 2020
जानें पवन कुमार चौबे के बारे में-
पवन कुमार चौबे कोबरा कमांडो हैं. उन्होंने 2010 में सीआरपीएफ ज्वाइन की थी और 2016 से कश्मीर में तैनात हैं. एक अधिकारी ने बताया कि वाराणसी का रहने वाला पवन जम्मू-कश्मीर में आने से पहले 203 कोबरा बटालियन का हिस्सा था. यह बटालियन नक्सलवाद को खत्म करने के लिए बनाई गई है. बुधवार की सुबह आतंकियों ने 179 बटालियन को निशाना बनाया, इसी में पवन शामिल थे.
अधिकारी ने कहा कि पवन कुमार 2016 से सोपोर में हैं और कई ऑपरेशन का हिस्सा रह चुके हैं. अधिकारी ने कहा कि जब आतंकियों ने मस्जिद से गोलीबारी शुरू की तो पवन कुमार ने देखा की बच्चा अपने दादा के शव के पार बैठा है. उसके बाद उन्होंने साथी जवानों की मदद से बच्चे को बचाया.























