जुबिन गर्ग की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, सीबीआई या एनआईए जांच की मांग
याचिका के अनुसार, सिंगापुर प्राधिकारियों ने अपनी जांच शुरू कर दी है लेकिन उन्हें महंत द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी किए जाने या कोई साजिश रचे जाने का कोई तत्व नहीं मिला है.

पूर्वोत्तर भारत महोत्सव के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर असम के गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले की जांच राज्य पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया है.
असम के सबसे प्रसिद्ध गायकों में से एक गर्ग की महोत्सव में प्रस्तुति से एक दिन पहले 19 सितंबर को सिंगापुर में मौत हो गई थी. खबरों के अनुसार, 52 वर्षीय कलाकार एक यॉट पर यात्रा के दौरान एक द्वीप के पास तैरते समय डूब गए थे.
गर्ग की मौत के सिलसिले में उनके प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंत को बुधवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने शर्मा और महंत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. वे 14 दिनों की सीआईडी (अपराध जांच विभाग) हिरासत में हैं. याचिका के अनुसार, सिंगापुर प्राधिकारियों ने अपनी जांच शुरू कर दी है लेकिन उन्हें महंत द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी किए जाने या कोई साजिश रचे जाने का कोई तत्व नहीं मिला है.
महंत ने अधिवक्ता राज कमल के माध्यम से 30 सितंबर को दायर अपनी याचिका में केंद्र, असम सरकार, राज्य के पुलिस महानिदेशक, सीबीआई और एनआईए को प्रतिवादी बनाया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि असम के मुख्य सूचना आयुक्त भास्कर ज्योति महंत के भाई श्यामकानु महंत को गर्ग की अचानक हुई मौत के संबंध में मीडिया ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाते हुए उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है.
इसमें कहा गया है कि असम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक षडयंत्र, गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया. इसमें कहा गया है कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में महंत के खिलाफ कथित तौर पर 54 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.
महंत ने तर्क दिया कि राज्य तंत्र और मीडिया ने उन्हें अनुचित रूप से बदनाम किया है. याचिका में कहा गया है कि वह 19 से 21 सितंबर तक सिंगापुर में होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन में व्यस्त थे और गर्ग की मौत के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. इसमें कहा गया है कि महंत की गायक से आखिरी बार घटना से दो दिन पहले 17 सितंबर को मुलाकात हुई थी.
याचिका में जांच असम एसआईटी से सीबीआई या एनआईए को सौंपे जाने और इसकी निगरानी उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा कराए जाने का अनुरोध किया गया है. इसमें महंत के खिलाफ गिरफ्तारी, हिरासत या उत्पीड़न जैसे किसी भी प्रकार के कठोर कदम उठाने से असम पुलिस को रोकने का निर्देश दिए जाने भी अनुरोध किया गया है.
इसके अलावा, याचिका में गर्ग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सिंगापुर की जांच के रिकॉर्ड, घटना के वीडियो फुटेज और मिर्गी के दौरों की समस्या समेत गायक की स्वास्थ्य स्थितियों संबंधी मेडिकल रिपोर्ट सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है. इसमें जांच पूरी होने तक मीडिया और सोशल मीडिया मंचों को पक्षपातपूर्ण कवरेज बंद करने का निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया गया है.
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