राज्यसभा की सीट के लिए महाराष्ट्र विकाश आघाड़ी में पेंच फंसा, जानिए कौन-कौन हो सकता है सांसद
महाराष्ट्र में राज्यसभा की कुल 19 सीटें हैं. महाराष्ट्र विधानसभा की 288 विधायकों वाली सदन में एक राज्यसभा सदस्य को चुनने के लिए 37 विधायकों की वोट की जरूरत होती है.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र विकास आघाडी की गठबंधन सरकार बनने के बाद कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में खींचतान जारी है. भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच हो या डाटा संशोधन कानून पर पर उद्धव ठाकरे का रुख या स्वतंत्र वीर सावरकर का मुद्दा हो, इन विषयों को लेकर तीनों ही दलों में कई बार मतभेद दिखा है. भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच एनआईए को सौंपने का शरद पवार विरोध कर चुके हैं तो वही एनसीपी और कांग्रेस के विपरीत उद्धव ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून और एनपीआर का समर्थन किया है. आने वाले दिनों में यह मतभेद और गठबंधन सरकार में तनाव और भी ज्यादा देखने को मिल सकता है. अप्रैल महीने में महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटें खाली हो जाएंगी इन 7 सीटों पर अपने अपने दल से राज्यसभा सांसद भेजने के लिए सभी पार्टियां कोशिश कर रही हैं.
किसमे कितना है दम ?
महाराष्ट्र में राज्यसभा की कुल 19 सीटें हैं. महाराष्ट्र विधानसभा की 288 विधायकों वाली सदन में एक राज्यसभा सदस्य को चुनने के लिए 37 विधायकों की वोट की जरूरत होती है. इस वक्त महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के पास 105 विधायक हैं. भाजपा के 105 विधायक और अन्य छोटे दलों के विधायकों के साथ भाजपा 3 लोगों को राज्यसभा भेज सकती है. वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 56 विधायक, एनसीपी के 54 विधायक जबकि कांग्रेस के 44 विधायक हैं. इन तीनों दलों सहित छोटे दलों को मिलाकर बना महाराष्ट्र विकास आघाडी कुल 4 लोगों को राज्यसभा भेज सकता है. मौजूदा समीकरण के मुताबिक शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के 1-1 राज्यसभा सांसद होंगे लेकिन चौथा राज्यसभा सांसद महाराष्ट्र विकास आघाडी के किस दल का होगा इस पर खींचतान जारी है.
महाराष्ट्र से किन राज्यसभा सांसदों का खत्म हो रहा है कार्यकाल ?
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सांसद जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है उसमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार , एनसीपी नेता माजिद मेमन, कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई , शिवसेना के राजकुमार धूत आरपीआई के रामदास आठवले, भाजपा के अमर पंडित और भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सांसद बने संजय काकडे है. एक तरफ जहां एनसीपी चाहती है कि राज्यसभा सांसद की चौथी सीट पर एनसीपी का नेता बैठे वहीं कांग्रेस चाहती है कि चौथी सीट का उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी से हो क्योंकि कांग्रेस को महाराष्ट्र सरकार में कम साझेदारी मिली है. जबकि शिवसेना का कहना है कि चौथी सीट पर राज्यसभा सांसद कौन चुना जाएगा इसका फैसला महाराष्ट्र विकास आघाडी के नेताओं के बीच आम सहमति से बनेगा.
महाराष्ट्र से कौन -कौन हो सकता है राज्यसभा सांसद ?
भाजपा अपने विधायकों के दम पर 3 लोगों को राज्यसभा में भेज सकती है. भाजपा अपने सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को एक बार फिर मौका दे सकती है. वहीं सातारा में हुए लोकसभा उपचुनाव में अपनी लोकसभा सीट गवाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले को भाजपा राज्यसभा भेज सकती है. तीसरी सीट के लिए भाजपा किसी पार्टी के वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेज सकती है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा में अगले 6 साल के कार्यकाल के लिए दिख सकते हैं वहीं कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. लगभग 1 साल पहले कांग्रेस छोड़कर शिवसेना से जुड़ने वाली प्रियंका चतुर्वेदी को शिवसेना अपने कोटे से राज्यसभा भेज सकती है.
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