शिवसेना बोली-17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में वक्त क्यों, अखिलेश बोले-अयोध्या में फौज तैनात हो
राम मंदिर के मुद्दे पर देश में इन दिनों चर्चा गर्म है. केंद्र की मोदी सरकार पर मंदिर निर्माण के लिए चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है. अखिलेश यादव ने अयोध्या में फौज तैनात करने की मांग की है तो वहीं शिवसेना अध्यादेश की मांग कर रही है.

नई दिल्ली: राम मंदिर के मुद्दे पर देश में इन दिनों चर्चा गर्म है. सियासी गलियारे से लेकर संत समाज तक में राम मंदिर बनाने को लेकर बात चल रही है. केंद्र सरकार पर मंदिर निर्माण के लिए चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है. अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद 25 नवंबर को धर्मसभा का आयोजन कर रही है. इसके साथ ही 25 नवंबर को ही शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी अयोध्या जाएंगे. उनकी यात्रा से पहले शिवसेना के सांसद संजय राउत ने बीजेपी को राम मंदिर को लेकर अध्यादेश लाने को कहा है. उन्होंने कहा,'' राम मंदिर पर सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. अगर मोदी जी चाहेंगे तो अध्यादेश आ सकता है''
संजय राउत ने कहा 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है ?
संयज राउत ने कहा,''हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है. राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है. राज्य सभा में कई ऐसे लोग हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे. जो विरोध करेगा उसका देश में घूमना मुश्किल होगा.'' साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर चूके तो 2019 में बीजेपी सत्ता से भी चूक जाएगी.
अखिलेश यादव ने की अयोध्या में फौज तैनात करने की मांग
25 नवंबर को होने वाले धर्म सभा को लेकर राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग की जा रही है. धर्मसभा के मद्देनजर अखिलेश यादव ने अयोध्या में फौज तैनात करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में फौज लगाए क्योंकि बीजेपी वाले कुछ भी कर सकते हैं. बीजेपी को ना तो संविधान पर भरोसा है और ना ही सुप्रीम कोर्ट पर. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी का रुख भी इस मुद्दे पर साफ किया और कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के साथ रहेंगे. सरकार द्वारा अध्यादेश लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को माना जाना चाहिए.

परमहंस दास ने दी आत्मदाह की धमकी
अयोध्या के छावनी मंदिर के महंत परमहंस दास ने राममंदिर निर्माण के लिए अपनी चिता सजायी है. उन्होंने धमकी दी है कि अगर 6 दिसम्बर से राममंदिर निर्माण शुरू नहीं होगा तो वो आत्मदाह कर लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया है कि एक ओर पीएम मोदी हिंदुओं को जबकि योगी संतों को बाँट रहे हैं और मंदिर निर्माण का प्रयास नहीं कर रहे हैं. बता दें कि परमहंस ने इससे पहले राम मंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन किया था जो प्रशासन ने जबरन ख़त्म करा दिया था.
























