सचिन पायलट: राजस्थान के डिप्टी सीएम की शपथ ली, जानिए उनसे जुड़ी हर बात
सचिन पायलट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की उपाधि हासिल की. उन्होंने व्हार्टन बिजनेस स्कूल (पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय) से एमबीए किया है.

नई दिल्ली: सचिन पायलट ने राजस्थान के डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है. राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में इस बार जिस युवा सांसद ने अहम भूमिका निभाई है वह सचिन पायलट ही हैं. सचिन पायलट का जन्म सात सितंबर 1977 को हुआ था.
शिक्षा
सचिन पायलट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की उपाधि हासिल की. उन्होंने व्हार्टन बिजनेस स्कूल (पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय) से एमबीए किया है. उन्होंने बीबीसी के दिल्ली ब्यूरो में और फिर जनरल मोटर्स कॉरपोरेशन में काम किया. सचिन की शादी नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला की बेटी सारा से हुई है और उनके दो बेटे भी हैं.
दौसा से जीतकर पहली बार बने सांसद
सचिन साल 2004 में अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र दौसा से 26 साल की उम्र में सांसद चुने गए. सचिन संसद के सबसे युवा सदस्य बने थे. दूसरी बार वह 2009 में अजमेर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. दो बार सांसद रहे सचिन पायलट ने अपना पहला विधानसभा चुनाव टोंक सीट से लड़ा और जीत हासिल की. पायलट ने इस चर्चित सीट पर बीजेपी प्रत्याशी और वसुंधरा राजे सरकार में कदृावर मंत्री रहे यूनुस खान को हराया. सचिन यूपीए सरकार में मंत्री और विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं. 2009 में संचार और आईटी (राज्य मंत्री) और 2012 में कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार संभाल चुके हैं. 21 जनवरी 2014 को उन्होंने राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार संभाला.
सचिन पायलट की कुल संपत्ति
सचिन पायलट के पास 6 करोड़ 37 लाख 70 हजार रुपए की चल और अचल संपत्ति है. यह संपत्ति स्वयं पायलट और उनकी पत्नी और बच्चों के नाम है. 2014 के मुकाबले करीब साढ़े चार साल में पायलट की संपत्ति में 1 करोड़ 66 लाख 14 हजार की बढ़ोतरी हुई है.सचिन पायलट की जिंदगी के जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें
पहली तनख्वाह... सचिन पायलट ने पहली बार साल 1996 में एक पत्रकार के तौर पर अपनी पहली तनख्वाह पाई थी. उस वक्त उन्हें एक स्टोरी के लिए करीब 2000 से 3000 रुपये मिले थे. उनकी इस जर्नी के बारे में 'द प्रिंट' की पत्रकार रेणु अगाल बताती हैं कि जब वो बीबीसी में काम करती थीं. उस दौरान सचिन दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफन कॉलेज से आर्ट्स में अपना बैचलर पूरा करके बीबीसी में इंटर्नशिप करने पहुंचे थे. वो उन दिनों को याद करते हुए कहती हैं कि रफी मार्ग स्थित बीबीसी इंडिया में सचिन हिंदी के इंटर्न के तौर पर आया करते थे.
जब सचिन को उनकी पहली तनख्वाह एक चेक के रुप में मिली थी वो काफी उत्साहित हुए थे. इसके बाद उन्होंने कहा था कि वो इस चेक को कभी खर्च नहीं करेंगे. इसके साथ ही सैलरी के अलावा उन्होंने अपना सफर एक रेडियो पत्रकार के रुप में शुरू किया. इस दौरान उन्होंने एक बार बीबीसी ऑफिस में नए साल के मौके पर मिठाई भेजी थी. कुछ दिनों बाद ही वो अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से एमबीए की डिग्री पूरी करने के लिए चले गए थे.
जब एक बार उनसे राजनीति में कदम रखने के बारे में पूछा गया था तो जवाब में सचिन ने कहा था कि वह राजनीति में रुचि नहीं रखते हैं और वो कहीं और करियर बनाने की सोच रहे हैं. उस दौरान उनके पिता और पूर्व कांग्रेस नेता राजेश पायलट नरसिम्हा राव की सरकार में परिवहन मंत्री थे. उस दौर में पिता ने बेटे के लिए बीबीसी के उप ब्यूरो चीफ सतीश जैकब से अनुरोध कर कहा था कि बीबीसी में सचिन को इंटर्न और रेडियो पत्रिकारिता में ट्रिक्स सीखने का मौका दें.
सचिन की कौन-सी स्टोरी हुई थी पहली बार ऑन एयर..
उस वक्त बीबीसी टीम हरियाणा में 'एक नीति के रूप में निषेध' विषय को लेकर स्टोरी कर रही थी. तब राज्य के सीएम बनसी लाल हुआ करते थे. सचिन को बीबीसी टीम के साथ वहां भेजा गया और उनसे लोगों के विचार और राय को रिकॉर्ड कर लाने के लिए कहा गया था. फिर जब वो उस प्रोजेक्ट को पूरा करके वापस दफ्तर लौटे तो टीम की मदद से उन्होंने पूरी कहानी को गढ़ा और रेडियो पैकेज को तैयार किया. जो उस वक्त बीबीसी पर ऑन एयर भी हुआ था.























