'कुछ क्रूर शक्तियां और उनके एजेंट चाहते हैं भारत टूट जाए और प्रगति न हो', बोले RSS चीफ मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी कुछ क्रूर शक्तियां और उनके एजेंट हैं जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत टूट जाए और उसकी प्रगति नहीं हो.

RSS Chief Mohan Bhagwat Speech: संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने गुरुवार (8 दिसंबर) को नागपुर (Nagpur) में एक आरएसएस पदाधिकारियों के प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि हिंदू कौन है और संघ भारत को क्या बनाना चाहता है?
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू वही है जो समझता है कि विविधता एक ही एकता के कई भाव हैं. इस दौरान उन्होंने भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि भारत को अध्यक्षता मिलना कोई सामान्य बात नहीं है.
कौन है हिंदू?
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि एक हिंदू वह प्रत्येक व्यक्ति है जो परंपरागत रूप से भारत का निवासी है और इसकी संप्रभुता के लिए उत्तरदायी है. उन्होंने कहा कि हम विविधता के साथ रह सकते हैं, सभी विविधताएं एक साथ रह सकती हैं, क्योंकि विविधताएं एक ही एकता के कई भाव हैं. जो इसे समझता हो, वही हिंदू है.
किसके प्रति किया आगाह?
मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी कुछ क्रूर शक्तियां और उनके एजेंट हैं जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत टूट जाए और उसकी प्रगति नहीं हो.
संघ चाहता है हो भारत का उत्थान
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत के उत्थान के लिए काम करना सिर्फ बीजेपी की जिम्मेदारी नहीं है. संघ को अपना नाम नहीं करना है, हम सब को इसके लिए मेहनत करनी है. उन्होंने कहा लोगों को आपस में जाति का गर्व तो होता है लेकिन भाषा को लेकर गर्व नहीं होता है. आपस का व्यवहार भारत की भाषा में होना चाहिए.
सरदार पटेल का भी किया जिक्र
मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि स्वतंत्र भारत में राष्ट्र का विलय सरदार पटेल (Sardar Patel) के माध्यम से हुआ. उन्होंने देश के एकीकरण का काम किया. आज समाज में परिवर्तन लाने की जरूरत है. भारत के उत्थान का श्रेय समाज को ही जाता है. देश सिर्फ जमीन नहीं है.
Source: IOCL



























