न्यूयॉर्क पहुंचे मोहन भागवत, AHEAD फोरम के कार्यक्रम में करेंगे शिरकत
17 दिवसीय विदेश यात्रा पर आरएसएस चीफ पहले पड़ाव के अनुसार न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं. इसके बाद वह कनाडा और फिर इंग्लैंड जाएंगे. 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में AHEAD फोरम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मंगलवार (25 अगस्त) को अमेरिका पहुंच गए हैं. जहां उनका पारंपरिक स्वागत किया गया. वह AHEAD फोरम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव पर अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचे हैं. 29 अगस्त को न्यूयॉर्क शहर में अबतक के आयोजित समुदाय के सबसे बड़े और सबसे विविध कार्यक्रमों में से एक का आयोजन होना है.
AHEAD फोरम का पूरा नाम अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग है. यह देशभर के सैकड़ों सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सेवा, धार्मिक और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर न्यूयॉर्क शहर में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन यानी सार्वभौमिक एकता उत्सव के तौर पर आयोजन कर रहा है.
इस कार्यक्रम में रक्षाबंधन के हिंदू त्योहार का जश्न मनाते हुए एकता, नागरिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव का आधुनिक संदेश भी दिया जाएगा. इस कार्यक्रम में धर्म से जुड़े जाने-माने वक्ता शामिल होंगे. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना है. यह रोजाना की थीम के अनुसार किए जाएंगे. इस कार्यक्रम की चर्चा इसलिए भी है, क्योंकि इसमें सरसंघचालक (आरएसएस चीफ) डॉ. मोहन भागवत भी शामिल होंगे. उनके संबोधन को लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा है.
17 दिवसीय विदेश दौरे पर हैं आरएसएस चीफ
आरएसएस प्रमुख भागवत 24 अगस्त से 17 दिवसीय विदेश दौरे पर हैं. यह कार्यक्रम संघ शताब्दी वर्ष पूरे होने के लेकर चल रहे हैं. इस वैश्विक अभियान के क्रम में होने वाली यात्रा के दौरान भागवत अमेरिका, कनाडा, और इंग्लैंड में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर लोगों को संबोधित करेंगे. वह न्यूयॉर्क, टोरंटो और लंदन में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे.
40 देशों में संचालित होती है संघ की गतिविधियां
संघ की मानें तो विदेशों में हिंदू स्वयंसेवक संघ के नाम से करीब 40 देशों में गतिविधियां संचालित होती हैं. कई देशों में संघ की नियमित शाखाएं भी लगती है. इनसे बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग जुड़े हुए हैं. भागवत की यह यात्रा भी इन्हीं देशों में रह रहे हिंदुओं और भारतीय मूल के लोगों से संपर्क बढ़ाने के अभियान का ही हिस्सा हैं. इससे जुड़ा एक बयान जारी करते हुए सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने कहा था कि यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत, हिंदू समाज और संघ को लेकर दुनिया में फैली भ्रांतियों और दुष्प्रचार के बीच तथ्य आधारित और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है.






















