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Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार कॉम्बैट परेड, कर्तव्य पथ बना जंग का मैदान

Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में सेरेमोनियल नहीं बल्कि कॉम्बैट परेड दिखाई दी. कर्तव्य पथ पर थलसेना, वायुसेना और नौसेना की बैटल एरे प्रदर्शित होगी.

26 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड पारंपरिक सेरेमोनियल स्वरूप से हटकर पूरी तरह कॉम्बैट थीम पर आधारित होगी. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस होगा, जिसमें भारत अपनी वास्तविक युद्ध-तैयारी और आधुनिक सैन्य सोच का सीधा प्रदर्शन करेगा. यह बदलाव केवल परेड की शैली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बदलती रक्षा रणनीति और तीनों सेनाओं की संयुक्त युद्ध क्षमता को दर्शाता है.

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार थलसेना, वायुसेना और नौसेना के मार्चिंग दस्ते पारंपरिक वर्दी के बजाय पूरी तरह लड़ाकू भूमिका में नजर आएंगे. कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाएं संयुक्त रूप से युद्ध-तैयार स्वरूप में मार्च करती दिखाई देंगी. यह परेड भारत की इंटीग्रेटेड डिफेंस अप्रोच का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है. अब तक गणतंत्र दिवस परेड में सेरेमोनियल अनुशासन और परंपरा को प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन इस बार फोकस वास्तविक युद्ध स्थितियों के प्रदर्शन पर होगा.

जंग के मैदान जैसी बैटल एरे का प्रदर्शन

इस वर्ष की परेड में कर्तव्य पथ को एक तरह से युद्ध क्षेत्र की तरह प्रस्तुत किया जाएगा. भारतीय सेना की बैटल एरे इस तरह दिखाई जाएगी, जैसे सैनिक वास्तविक युद्ध में तैनात हों. इसमें विशेष बलों की इकाइयां, इन्फैंट्री और स्काउट्स के दस्ते, मुख्य युद्धक टैंक, भारी तोपें, रॉकेट सिस्टम और मिसाइल प्लेटफॉर्म शामिल होंगे.

कैवलरी भी बदलेगी परंपरा, दिखेगी कॉम्बैट गियर में

अब तक गणतंत्र दिवस परेड में कैवलरी यानी घुड़सवार टुकड़ी पारंपरिक सेरेमोनियल पोशाक में दिखाई देती रही है. लेकिन 2026 में यह परंपरा भी बदलेगी. इस बार कैवलरी यूनिट युद्ध-तैयारी की वेशभूषा में, कॉम्बैट गियर के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च करेगी.

ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग हुए हथियारों की झलक

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में उन आधुनिक हथियार प्रणालियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसमें ड्रोन वॉरफेयर सिस्टम, एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और अत्याधुनिक सर्विलांस व टार्गेटिंग उपकरण शामिल होंगे. यह प्रदर्शन भारत की तकनीक-आधारित और नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता को सामने लाएगा, जहां सूचना, निगरानी और सटीक हमले की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है.

ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, तबाह कर दिए थे रडार और कमांड सेंटर, स्विस थिंक टैंक ने किया खुलासा

नीरज राजपूत देश के जाने-माने डिफेंस-जर्नलिस्ट और वॉर-लेखक हैं. पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखते हैं और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया तीनों में गहरी पकड़ है.

वर्तमान में वे ABP नेटवर्क से जुड़े हैं, जहाँ युद्ध, रक्षा, नेशनल सिक्योरिटी और जियो-पॉलिटिक्स से संबंधित विषयों को कवर करते हैं. ABP लाइव पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘गेम-चेंजर’ के प्रस्तुतकर्ता भी हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने पहली हिंदी पुस्तक "ऑपरेशन Z लाइव" लिखी, जो बेस्टसेलर सूची में भी शामिल हुई और पाठकों द्वारा खूब सराही गई.

रिपोर्टिंग का दायरा
- दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन से लेकर आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर और चीन सीमा पर तिब्बत के पठार तक
- पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर-स्ट्राइक से लेकर पनडुब्बी के जरिए समुद्र के भीतर तक
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके एक्सक्लूसिव खुलासे और सटीक विश्लेषणों की व्यापक सराहना हुई
- यूक्रेन-रूस युद्ध क्षेत्र में मारियुपोल, डोनेत्स्क और लुहांस्क जैसे एक्टिव वॉर-जोन से रिपोर्टिंग. इसी अनुभव पर आधारित उनकी पुस्तक प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई
- दुनिया की सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक उत्तर-दक्षिण कोरिया की DMZ
- ⁠अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक JBLM, और शीत युद्ध के दौरान "गैर-मौजूद" माने जाने वाले रूसी सैन्य अड्डों से भी ग्राउंड रिपोर्टिंग. 
- ⁠वे उन चुनिंदा रक्षा जुड़े पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारत के पहले स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर LCH-प्रचंड के कॉकपिट में उड़ान भरी है. इसके अलावा फ्रांस में राफेल लड़ाकू विमान निर्माण सुविधा से भी उन्होंने विशेष रिपोर्टिंग की.

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'Defence Correspondent Course' के Alumni हैं.

पूर्व कार्य अनुभव
- STAR NEWS में लगभग 6 वर्षों तक चीफ रिपोर्टर (क्राइम) के तौर पर कार्य किया और लोकप्रिय क्राइम शो 'सनसनी' से जुड़े रहे
- पत्रकारिता की शुरुआत अंग्रेजी दैनिक नेशनल हेराल्ड से की
- इसके बाद B.A.G. Films के साथ जुड़कर STAR NEWS के लिए क्राइम शो बनाए
- SAHARA TV में भी लगभग 2 वर्षों तक कार्यरत रहे

रक्षा और सुरक्षा के मामलों पर उनकी पकड़, ग्राउंड-जीरो रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण उन्हें देश के सबसे भरोसेमंद डिफेंस जर्नलिस्ट्स में स्थापित करती है.

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