डीएस हुड्डा के बयान के बहाने राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, कहा- बीजेपी सर्जिकल स्ट्राइक को समझती है पार्टी की संपत्ति
पीएम मोदी को 'मिस्टर 36' से संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बात करनी चाहिए तो सच्चे सैनिक की तरह. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी सेना को अपनी संपत्ति समझते हैं और इसे उसी तरह से उपयोग में लाते हैं.

नई दिल्लीः पाकिस्तान के खिलाफ सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा के बयान के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. पीएम मोदी को 'मिस्टर 36' से संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बात करनी चाहिए तो सच्चे सैनिक की तरह. पीएम मोदी सेना को अपनी संपत्ति समझते हैं और इसका प्रयोग उसी तरीके से करते हैं.
राहुल गांधी ने कहा, ''जनरल ने एक सच्चे सैनिक की तरह बात की है. भारत आप पर गर्व करता है. मिस्टर 36 को शर्म भी नहीं आती है कि सेना को वह अपनी संपत्ति की तरह प्रयोग में लाते हैं. सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक पूंजी की तरह समझते हैं और राफेल डील के सहारे अंबानी की रीयल संपत्ति को बढ़ाते हैं.''
Spoken like a true soldier General. India is so proud of you. Mr 36 has absolutely no shame in using our military as a personal asset. He used the surgical strikes for political capital and the Rafale deal to increase Anil Ambani’s real capital by 30,000 Cr. #SurgicalStrike https://t.co/IotXWBsIih
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) 8 December 2018
लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता को लेकर शुरुआती खुशी स्वाभाविक है लेकिन सैन्य अभियानों का लगातार प्रचार करना ठीक नहीं है. अच्छा होता कि सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी गोपनीय रखी जाती.
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा, ''मैं सेना की नजर से देखता हूं पूरे मामले को. सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी था. उड़ी में हमारे कई जवान मारे गए ते, तो पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजना जरूरी था. अगर वह हमारी तरफ आकर किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम देते हैं तो हम भी उधर घुसकर कार्रवाई कर सकते हैं. मुझे लगता है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. जिसकी जरूरत नहीं थी. थोड़ा राजनीतिक रंग ले लिया. सेना के ख्याल से लगता है कि यह काफी सफल ऑपरेशन था और हमें करने की जरूरत थी.''
General (retired) D S Hooda: I do think there was too much hype over it (surgical strike). The strike was important & we had to do it. Now how much should it have been politicised, whether it was right or wrong is something that should be asked to the politicians. (7.12) pic.twitter.com/8v0QJ1tzK5
— ANI (@ANI) 8 December 2018
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल के बयान को लेकर सेना प्रमुख ने कहा, ''यह निजी विचार हैं, इसलिए उन पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. वह (हुड्डा) इस ऑपरेशन से जुड़े मुख्य व्यक्तियों में से एक थे, इसलिए मैं उनके शब्दों का काफी सम्मान करता हूं.''
Army Chief on General (retired)DS Hooda's remark 'I think there was too much hype over surgical strike': These are individual person's perceptions so let's not comment on them.He was one of the main persons involved in conduct of these operations so I respect his words very much. pic.twitter.com/LSPWiZomQp
— ANI (@ANI) 8 December 2018
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा के बयान को लेकर उत्तरी कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने कहा, ''सेना के पास जितने भी विकल्प थे, उनमें से सर्जिकल स्ट्राइक एक था. इस सर्जिकल स्ट्राइक का देश पर काफी पॉजीटिव असर पड़ा. काफी हद तक आतंकवाद का खात्मा करने के लिए सक्षम हो चुके हैं.''
GOC Northern Command, Lt Gen Ranbir Singh on General (retired)DS Hooda's remark 'I think there was too much hype over surgical strike': Surgical strike is one of the options available to Army. It had a positive effect on country,we’ve been able to curb terrorism to a great extent pic.twitter.com/yL2DkwwSiT
— ANI (@ANI) 8 December 2018
हाल के विधानसभा चुनावों में सर्जिकल स्ट्राइक का जमकर प्रचार किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर सेना का अपमान करती है तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया और कहा कि वह हार से बचने के लिए सैन्य अभियान का जिक्र रैलियों में करते हैं.
Source: IOCL



























