'महंगाई पर जनता की खामोशी मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी'
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मौन' पर सवाल खड़े किये और दावा किया कि महंगाई के मुद्दे पर जनता की खामोशी इस सरकार के लिए खतरे की घंटी है.

नई दिल्ली: कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मौन' पर सवाल खड़े किये और दावा किया कि महंगाई के मुद्दे पर जनता की खामोशी इस सरकार के लिए खतरे की घंटी है. पार्टी नेता पवन खेड़ा ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार की प्राथमिकता देश के किसान और आम लोग नहीं, बल्कि देश के बड़े-बड़े उद्योगपति हैं.
खेड़ा ने कहा, "यह सरकार मध्यम वर्ग पर बार बार हमले कर रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है. अब रसोई गैस कीमत में बढ़ोतरी करके आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी गई हैं." उन्होंने कहा, "रसोई गैस की कीमत दोगुनी बढ़ गई. फिर यूरिया और उर्वरक की कीमत बढ़ा दी गई है. रुपये की गिरावट जारी है. लेकिन यह सरकार मानने को तैयार नहीं है कि इसकी आर्थिक नीतियों की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है."
कांग्रेस नेता ने कहा, "प्रधानमंत्री जी सभी मुद्दों पर बोलते हैं, लेकिन बेतहाशा महंगाई पर कुछ नहीं बोलते हैं. वह मौनी बाबा बने हुए हैं." उन्होंने कहा, "जनता चुप है और जब चुनाव से पहले जनता चुप होती है तो वह सरकार के लिए सबसे खतरनाक होता है. भारत की जनता बहुत संतोष करने वाली जनता है और सभी चीजों को देखती है फिर फैसला करती है. मोदी सरकार के लिए जनता की खामोशी खतरे की बहुत बड़ी घंटी है." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाया जा रहा है.
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Source: IOCL


























