आरक्षण: भागवत के बयान पर चौतरफा हमला, प्रियंका गांधी बोलीं- RSS और BJP का असली निशाना सामाजिक न्याय
आरक्षण पर मोहन भागवत के हालिया बयान को लेकर कांग्रेस, आरजेडी और बीएसपी समेत कई पार्टियों ने कड़ी आपत्ति जताई है. वहीं आरएसएस ने कहा है कि मोहन भागवत के भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है.

नई दिल्ली: आरक्षण पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के बयान को लेकर राजनीतिक हंगामा जारी है. विपक्षी पार्टियों ने भागवत के बयान को आरक्षण खत्म करने की साजिश के तौर पर देखा है और वह लगातार आरएसएस-बीजेपी पर हमले कर रही है. यही नहीं बीजेपी की सहयोगी एलजेपी ने भी कहा है कि आरक्षण पर कोई चर्चा की जरूरत नहीं है. वहीं चौतरफा हमले को देखते हुए आरएसएस ने सफाई दी है.
आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि RSS-BJP का असली निशाना सामाजिक न्याय है. उन्होंने कहा, ''RSS का हौसला बढ़ा हुआ है और मंसूबे खतरनाक हैं. जिस समय बीजेपी सरकार एक-एक करके जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही है. RSS ने भी लगे हाथ आरक्षण पर बहस करने की बात उठा दी है. बहस तो शब्दों का बहाना है मगर RSS-BJP का असली निशाना सामाजिक न्याय है. लेकिन क्या आप ऐसा होने देंगे?''
RSS का हौसला बढ़ा हुआ है और मंसूबे खतरनाक हैं। जिस समय भाजपा सरकार एक-एक करके जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही है। RSS ने भी लगे हाथ आरक्षण पर बहस करने की बात उठा दी है।
बहस तो शब्दों का बहाना है मगर RSS-BJP का असली निशाना सामाजिक न्याय है। लेकिन क्या आप ऐसा होने देंगे? — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 20, 2019
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि आरक्षण को लेकर RSS/BJP की मंशा ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, ''मोहन भागवत जी के बयान के बाद आपको यह साफ होना चाहिए कि क्यों हम आपको “संविधान बचाओ” और “बेरोज़गारी हटाओ,आरक्षण बढ़ाओ” के नारों के साथ आगाह कर रहे थे.'सौहार्दपूर्ण माहौल' की नौटंकी में ये आपका आरक्षण छीन लेने की योजना में काफी आगे बढ़ चुके है.जागो,जगाओ और अधिकार बचाने की मशाल जलाओ.''
तेजस्वी यादव ने कहा, ''आरक्षण को लेकर RSS/BJP की मंशा ठीक नहीं है. बहस इस बात पर करिए कि इतने वर्षों बाद भी केंद्रीय नौकरियों में आरक्षित वर्गों के 80% पद ख़ाली क्यों है? उनका प्रतिनिधित्व सांकेतिक भी नहीं है. केंद्र में एक भी सचिव OBC/EBC क्यों नहीं है? कोई कुलपति SC/ST/OBC क्यों नहीं है? करिए बहस??''
आरक्षण को लेकर RSS/BJP की मंशा ठीक नहीं है। बहस इस बात पर करिए कि इतने वर्षों बाद भी केंद्रीय नौकरियों में आरक्षित वर्गों के 80% पद ख़ाली क्यों है? उनका प्रतिनिधित्व सांकेतिक भी नहीं है। केंद्र में एक भी सचिव OBC/EBC क्यों नहीं है? कोई कुलपति SC/ST/OBC क्यों नहीं है? करिए बहस??
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 20, 2019
एलजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा, ''किसी चर्चा की कोई ज़रूरत नहीं है. ये आरक्षण चलेगा और बढ़ेगा. आरक्षण पर चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है और ये कभी ख़त्म नहीं होने वाला है.''
वहीं सोमवार को बीएसपी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी आरएसएस और बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के सम्बंध में यह कहना कि इसपर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है जिसकी कोई जरूरत नहीं है. आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है जिससे छेड़छाड़ अनुचित व अन्याय है. संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है.''
बीजेपी का पलटवार विपक्षी दलों के वार पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, ''बीजेपी और अन्य राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय हितों और संवैधानिक मूल्यों को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं . हमें अज्ञानियों से ज्ञान लेने की जरूरत नहीं है . ’’
भागवत ने क्या कहा है? संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए. भागवत ने कहा कि उन्होंने पहले भी आरक्षण पर बात की थी लेकिन इससे काफी हंगामा मचा और पूरी चर्चा वास्तविक मुद्दे से भटक गई. उन्होंने कहा कि आरक्षण का पक्ष लेने वालों को उन लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए जो इसके खिलाफ हैं और इसी तरह से इसका विरोध करने वालों को इसका समर्थन करने वालों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए.
आपको बता दें कि मोहन भागवत ने बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले साल 2015 में आरक्षण नीति में बदलाव की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह सालों पुरानी व्यवस्था है. उनके इस बयान की विपक्षी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की थी. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आरक्षण पर भागवत के बयान का नुकसान बिहार चुनाव में हुआ.
आरएसएस की सफाई संघ प्रमुख के ताजा बयान पर हो रही विवाद पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने सफाई दी. उन्होंने कहा, ''सरसंघचालक मोहन भागवत के दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिये गये भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है. समाज में सदभावना पूर्वक परस्पर बातचीत के आधार पर सब प्रश्नों के समाधान का महत्व बताते हुए उन्होंने आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर विचार का आह्वान किया.''
सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी के दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिये गये भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अरुण कुमार जी का वक्तव्य : pic.twitter.com/N8ExNDCwPC
— RSS (@RSSorg) August 19, 2019
आगे उन्होंने कहा, ''जहां तक संघ का आरक्षण के विषय पर मत है, वह अनेक बार स्पष्ट किया जा चुका है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और आर्थिक आधार पर पिछड़ों के आरक्षण का पूर्ण समर्थन करता है.''
Source: IOCL























