कोरोना संकट में भी मुंबई में मानसून से पहले की तैयारी में तेजी
बीएमसी के कमिश्नर ने सोमवार को मुंबई की मीठी नदी में चल रहे सफाई के काम का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि ये साल बीएमसी के लिए चुनौतीपूर्ण है.

मुंबई: कोरोना संकट के बीच मुंबई में मुंबई महानगपर पालिका का काम ठप्प पड़ा था. मुम्बई में मानसून आने से पहले शहर भर में नालों की सफाई, पोटहोल्स का मरम्मत किया जाता है. कोरोना संकट के समय लॉक डाउन में यह कामकाज बंद पड़ा था.
मुम्बई में मानसून आगमन को महज एक महीना बचा है. ऐसे में लॉकडाउन में भी मुम्बई महानगर पालिका ने कामकाज बढ़ा दिया है. मानसून पूर्व तैयारियों का काम काज चल रहा है और आज मुंबई बीएमसी के नए कमिश्नर इकबाल चहल ने आज शहर में चल रहे नालासफाई का कामकाज का जायजा भी लिया.
बीएमसी कमिश्नर इकबाल चहल मुम्बई की मीठी नदी में सफाई कामकाज का जायजा लिया. मीठी नदी 100 पहले तक एक नदी थी जो आज नदी के नाम पर सबसे बड़ा नाला है. मुम्बई के कई इलाकों का सीवर लाइन इसी मीठी नदी में मिलता है. साल 26 जुलाई 2005 की बाढ़ और पिछले कई सालों से मुम्बई के कई इलाके डूबने की वजह मीठी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर रहना था.
अपने वार्ड में मानसून पूर्व तैयारियों का जायजा ले रहे बीएमसी वार्ड अधिकारी ने बताया कि यह साल बीएमसी के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण है. एक तरफ मुंबई में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, वहीं दूसरी तरफ बारिश शुरू होने में अब एक महीना बचा है ऐसे में बीएमसी पर कामकाज का बोझ ज्यादा है.
हर साल बीएमसी को मानसून से पहले नालासफाई के साथ सड़क मरम्मत का काम भी करना पड़ता है. कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के चलते कई मजदूर शहर छोड़कर जा रहे है, ऐसे में काम ज्यादा और मजदूर होने के आसार हैं. इन सब चुनौतियों के बावजूद बीएमसी अपने कामकाज तेजी से करते हुए नजर आ रही है.
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