रिहा होने के बाद उमर अब्दुल्ला का पहला बयान, कहा- कोरोना को लेकर सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए
उमर अब्दुल्ला को हाउस अरेस्ट में रखा गया था. रिहा होने के बाद उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार के आदेशों का पालन होना चाहिए. मौजूदा समय बीत जाने के बाद वे बाद करेंगे.

नई दिल्ली: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आज रिहा कर दिया गया. अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही उन्हें हाउस अरेस्ट में रखा गया था. कुछ ही दिनों पहले उनके पिता फारूक अब्दुल्ला पर से भी पीएस हटा दिया गया था और उन्हें रिहा कर दिया गया था.
रिहा होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘’जिस तरह से जम्मू और कश्मीर को दो यूटी में बांट दिया गया, बच्चे कैसे महीने तक स्कूल नहीं जा सकते थे, दुकानदारों की कमाई नहीं हो रही है, शिकारा वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मौजूदा समय बीत जाने के बाद मैं बात करूंगा कि 5 अगस्त 2019 के बाद क्या कुछ हुआ.’’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘’आज, मुझे एहसास हुआ कि हम जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारे सभी लोग जिन्हें हिरासत में लिया गया है, उन्हें इस समय रिहा किया जाना चाहिए. हमें कोरोनवायरस से लड़ने के लिए सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए.’’
बेटे से मिले फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला ने बीते सात महीने से हिरासत में रखे गए अपने बेटे उमर अब्दुल्ला से श्रीनगर की उप जेल में मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेता भावुक नजर आए. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगा लिया.
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य से विशेष दर्जा वापस ले लिया था, जिसके बाद फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और एक और मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को हिरासत में ले लिया गया था. इसके बाद 15 सितंबर को फारूक के खिलाफ पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया जबकि उनके बेटे उमर की ऐहतियातन हिरासत पांच फरवरी को खत्म हो रही थी लेकिन उससे कुछ ही घंटे पहले इसे छह महीने के लिये बढ़ा दिया गया था.
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