जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग की जांच करेगी NIA, गृह मंत्रालय जल्द जारी करेगा औपचारिक आदेश
Jammu Kashmir Target Killing Case: जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग की तरफ से की गई सिफारिश के आधार पर जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय इसको लेकर औपचारिक आदेश जारी कर देगा.

Jammu Kashmir Target Killing Case: जम्मू कश्मीर में इस महीने हुई टारगेटेड किलिंग की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) करेगी. इस टारगेट के तहत आतंकवादियों द्वारा अनेक स्थानीय और कश्मीर से बाहरी लोगों की हत्या की गई है. माना जा रहा है कि इनके पीछे आतंकवादी समूहों का हाथ है और यह हत्याएं इन संगठनों में भर्ती नए लोगों द्वारा की गई है. जम्मू कश्मीर के गृह विभाग द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय जल्द ही इस बाबत औपचारिक आदेश भी जारी कर देगा.
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, एनआईए प्रमुख कुलदीप सिंह इस समय जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं और जम्मू-कश्मीर में हुई इन घटनाओं को लेकर उनकी अनेक बैठकें जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह के साथ भी हो चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों के दौरान जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने यह साफ किया कि इन तमाम हत्याओं के पीछे पाक समर्थित आतंकवादी समूहों का हाथ है और उनका मकसद कश्मीर घाटी में डर फैलाना है और आतंक का राज कायम करना है.
सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस तरह के मामलों की जांच पहले भी करती रही है. इस आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने अपने गृह विभाग के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है, जिसमें इन तमाम घटनाओं की जांच एनआईए द्वारा कराने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, अभी तक जो पत्र मिला है उसमें 5 अक्टूबर को हुई हत्याओं की बाबत जिक्र है लेकिन माना जा रहा है कि अपनी जांच के दौरान एनआईए अन्य मामलों को भी अपनी जांच में शामिल कर लेगी.
ध्यान रहे कि पिछले 15 दिनों के दौरान आतंकवादियों ने कभी किसी फल विक्रेता तो कभी बढ़ई तो कभी स्कूल में घुसकर शिक्षकों की हत्या कर दी है. इस निशाने पर जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोग भी हैं. एबीपी न्यूज़ ने इस मामले का पर्दाफाश किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जो प्लान बनाया है उसके तहत जम्मू-कश्मीर में मौजूद अपने सभी आतंकी समूहों को निर्देश दिया है कि वह अपने संगठनों में नए लोगों की भर्ती कर स्थानीय और गैर कश्मीरी लोगों की ज्यादा से ज्यादा हत्या करें जिससे लोगों में दहशत का माहौल फैल सके.
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