INX घोटाले में बड़ा खुलासा: ABP न्यूज़ को मिले दस्तावेज में लिखा- FIPB अप्रूवल दिलाने के लिए दिए 11 लाख
खबर है कि चिदंबरम अपने परिवार से मुलाकात के दौरान भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मेहमान नवाजी में हूं. सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान चिदंबरम जांच एजेंसियों पर भी भड़के. कल शाम को चिदंबरम ने परिवार से मुलाकात की थी.

नई दिल्ली: पी चिंदबरम की सीबीआई हिरासत के दो दिन हो चुके हैं औ अभी दो दिन और बाकी हैं. लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं उससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. इसी बीच एक बड़ा सबूत सामने आया है जिससे घूसकांड का आरोप पुख्ता हो सकता है. एबीपी न्यूज के हाथ बड़ा सबूत लगा है जिसमें लिखा है कि कार्ति चिदंबरम की कंपनी को FIPB से मंजूरी वाला काम कराने के बदले 11 लाख 23 हजार 600 रुपये का पेमेंट किया गया था, यह पैसा 26 जून को दिया गया. INX के पूर्व प्रमुख लीगल एंड रेगुलेटरी अफेयर्स एंड गवर्नमेंट रिलेशन्स अधिकारी अजय किशोर शर्मा के बयान के मुताबिक बरामद दस्तावेजों में साफ लिखा है कि ये पैसे एफआईपीबी से जुड़े काम के लिए दिए गए. 
चिदंबरम बोले- मैं सारी फाइलें नहीं पढ़ता था, अगर कुछ गलत हुआ तो अधिकारी जानें- सूत्र पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से सीबीआई की पूछताछ जारी है. पूछताछ में कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं. इस बीच सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर है कि पूछताछ के दौरान चिदंबरम ने नौकरशाहों पर ठीकरा फोड़ा है. सूत्रों के मुताबिक चिदंबरम ने पूछताछ में कहा, ''मेरे नीचे अफआईपीबी डिविजन थी जिसमें लगभग 7-8 आईएएस अधिकारी थे, वो सभी अपने काम मे बेहद निपुण थे. वही लोग सारी फाइले देखते थे, मेरे पास इतना टाइम नहीं होता था कि मै सारी फाइले पढ सकूं. मैं उनकी सिफारिशों पर विचार करता था.'' चिदंबरम ने कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो अधिकारी जानें. माना जा रहा है कि चिदंबरम के इस बयान के बाद कुछ अधिकारियों पर गाज गिर सकती है. कुछ अधिकारियों को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है. तथ्य मिलने पर अधिकारियों को गिरफ्तारी भी हो सकती है.
पूर्व वित्त सचिव के बयान से बढ़ सकती है चिदंबरम की मुश्किल ईडी को दिए पूर्व वित्त सचिव डी सुब्बाराव के बयान से चिदंबरम की मुश्किल बढ़ सकती है. सुब्बाराव ने अपने बयान में कहा कि INX मीडिया में नियमों के उल्लंधन की जानकारी FIPB को नहीं दी गई. आईएनएक्स मीडिया सौदे के समय एफआईपीबी मामलों के जिम्मेदार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जांच एजेंसियों को दिए बयान में यही जानकारी दी कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में हुये उल्लंघन को सरसरी तौर पर अनुमोदित किए जाने के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक के पास भेजा जाना चाहिए था.
ईडी को दिए अपने बयान में सुब्बाराव ने कहा कि एफआईपीबी इकाई को कंपनी से आगे के निवेश के बारे में पुष्टि करनी चाहिये थी कि क्या आईएनएक्स न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में निवेश किया गया. अगर आगे के निवेश की बात पक्की है इसकी पुष्टि कर ली गई तो यह एफआईपीबी नियमों का उल्लंघन बनता है. एफआईपीबी की इकाई को मामले की पूरी जानकारी एफआईपीबी को देनी चाहिये थी ताकि उचित निर्णय लिया जाता.’’
जानकारी के मुताबिक चिदंबरम से पूचताछ के दौरान सीबीआई उनके जवाबों के बाद उन्हें दस्तावेजी सबूत दिखा कर पूछताछ कर रही है. ये दस्तावेज खुद उनके बेटे और उसके सीए के यहां से बरामद हुए है. बता दें कि चिदंबरम 26 अगस्त तक सीबीआई रिमांड पर है. गुरूवार की शाम सात बजे सीबीआई मुख्यालय मे वापस आने के बाद चिदंबरम से पूछताछ का दौर शुरू हुआ था.
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