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'हमें 26 साल हो गए, ऐसी भीड़ कभी नहीं देखी', NDLS भगदड़ पर प्लेटफॉर्म पर दुकान लगाने वाले ने क्या बताया?

New Delhi Stampede: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात अचानक भारी भीड़ जमा हो गई जिससे स्थिति बेकाबू हो गई. चश्मदीदों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ पहले किसी त्योहार में कभी नहीं देखी गई.

New Delhi Railway Station Stampede: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार (15 फरवरी) रात अचानक हुई भगदड़ से लोगों में अफरातफरी मच गई. स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर भारी भीड़ जमा हो गई जिससे हालात बेकाबू हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इतनी भारी भीड़ की उम्मीद नहीं थी. यहां तक कि त्योहारों के दौरान भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई. स्टेशन पर मौजूद प्रशासनिक कर्मी और एनडीआरएफ (NDRF) के जवान भी हालात को कंट्रोल नहीं कर सके.

प्लेटफॉर्म पर दुकान चलाने वाले एक चश्मदीद ने बताया कि मैं पिछले 26 सालों से यहां काम कर रहा हूं, लेकिन आज तक स्टेशन पर इतनी भीड़ नहीं देखी. पता नहीं कहां से इतनी जनता आ गई. उन्होंने ये भी बताया कि हर 20-25 मिनट में स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही थीं फिर भी सभी ट्रेनें खचाखच भरी हुई थीं.

प्लेटफॉर्म बदलने की अफवाह से मची भगदड़, चश्मदीद ने बताया हाल

एक अन्य चश्मदीद के मुताबिक प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर खड़े यात्री ने जब 14 और 15 नंबर प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें देखी तो वे तेजी से उधर बढ़ने लगे. हालांकि ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले नहीं गए थे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि स्थिति बेकाबू हो गई और अफरा-तफरी मच गई. हालांकि रेलवे प्रशासन ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लगातार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि ये कदम नाकाफी साबित हुआ और इसमें कई लोगों की जान चली गई साथ ही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

 

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात को मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. मरने वालों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे हैं. इस हादसे में मरने वालों में सबसे ज्यादा बिहार के 9 लोग  और दिल्ली के 8 लोग हैं. सरकार ने इस मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है.

ये भी पढ़ें: New Delhi Railway Station Stampede: NDLS भगदड़ में मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 10 लाख देगी सरकार

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