लालू यादव के गरीब रथ ट्रेन को जल्द बंद कर सकती है मोदी सरकार, ये है वजह
गरीब रथ ट्रेन में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो गई है. जानकारी के मुताबिक, गरीब रथ ट्रेन को जल्द सुपरफास्ट ट्रेन में बदला जाएगा. इसके साथ ही अब इसके कोचेस में भी बदलाव हो सकता है.

नई दिल्ली: गरीब रथ एक्सप्रेस जल्द बंद हो सकती है. जी..हां..इस ट्रेन को लेकर मोदी सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है. गरीबों को एसी ट्रेन का सफर कराने के मकसद से साल 2006 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा शुरू किए गरीब रथ को अब मौजूदा मोदी सरकार सुपरफास्ट ट्रेन में बदलने की योजना बना रही है. इस बात की जानकारी सीएनबीसी आवाज़ ने सूत्रों के हवाले से दी है.
सरकार इसको सुपरफास्ट ट्रेन तो बनाएगी ही साथ ही इसके कोचेस में भी बदलाव करने की योजना है. इस ट्रेन में पहले जहां 12 कोच (सभी वातानूकूलित) होते थे, वहीं नई ट्रेन में अब 16 कोच होंगे. इसमें जनरल, स्लीपर और एसी कोच भी लगाए जाएंगे. दरहसल, सरकार यह बदलाव ट्रेन की बोगियों का प्रोडक्शन बंद होना माना जा रहा है क्योंकि ये बोगियां काफी पुरानी हैं. इसकी जगह पर अब आधुनिक बोगियां बनाई जा रही हैं. इसलिए गरीब रथ ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस ट्रेन में बदला जाएगा.
वहीं इस पूरे मामले को लेकर सीएनबीसी आवाज़ ने रेल मंत्रालय को मेल भेजी है. लेकिन उनका दावा है कि अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.
बता दें कि गरीबों को एसी ट्रेन में सफर कराने के लिए साल 2006 में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीब रथ ट्रेन की शुरुआत की थी. पहली ट्रेन सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस थी, जो बिहार के सहरसा से पंजाब के अमृतसर के बीच चलाई गई थी. इस ट्रेन में एसी 3 और चेयरकार कोच थे. यह ट्रेन देश में आर्थिक रूप से जो लोग ज्यादा समपन्न नहीं हैं उनके लिए एक बेहतर विकल्प है. मेल एक्प्रेस ट्रेनों के मुकाबले गरीब रथ में सफर 40 प्रतिशत तक सस्ता है.
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Source: IOCL

























