पीएम के मन की बात: हम 40 साल से झेल रहे, आतंकवाद पर दुनिया अब हमारे साथ
आज मन की बात का 38वां संस्करण प्रसारित हुआ. पिछले संस्करण में पीएम मोदी ने त्योहारों की शुभकामनाएं दी थीं. इसके साथ ही पीएम मोदी ने 'खादी फॉर ट्रांसफोर्मेशन' का नया नारा दिया था.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने आज 38वीं बार रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने आज की विषयों पर अपनी बात रखी. प्रधानमंत्री संविधान दिवस, नौसेना दिवस, विश्व मृदा दिवस समेत और स्वच्छता विषय पर देश को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री ने मन की बात 26/11 हमले के शहीदों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने आंतवाद के खिलाफ दुनिया के एकजुट होने का आवाहन किया. प्रधानमंत्री ने कहा आज पूरा विश्व आतंकवाद से जूझ रहा है.
हमले में शहीद जवानों को नमन प्रधानमंत्री ने कहा, ''ये देश कैसे भूल सकता हैं कि नौ साल पहले 26/11 को आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला बोल दिया था. देश उन बहादुर नागरिकों, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मियों को नमन करता है जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई. यह देश कभी उनके बलिदान को नहीं भूल सकता.''
हम 40 साल से जूझ रहे, अब दुनिया हमारे साथ है प्रधानमंत्री ने कहा, ''आतंकवाद आज विश्व के हर भू-भाग में और एक प्रकार से प्रतिदिन होने वाली घटना का एक अति-भयंकर रूप बन गई है. हम भारत में तो गत 40 वर्ष से आतंकवाद के कारण बहुत कुछ झेल रहे हैं. हज़ारों हमारे निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई है लेकिन कुछ वर्ष पहले,भारत जब दुनिया के सामने आतंकवाद की चर्चा करता था, आतंकवाद से भयंकर संकट की चर्चा करता था तो दुनिया के बहुत लोग थे, जो इसको गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं थे. आज जब आतंकवाद उनके अपने दरवाज़ों पर दस्तक दे रहा है तब दुनिया की हर सरकार मानवतावाद में विश्वास करने वाले लोकतंत्र में भरोसा करने वाली सरकारें आतंकवाद को एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं.''
इस धरती ने अहिंसा और प्रेम का संदेश दिया है प्रधानमंत्री ने कहा, ''आतंकवाद ने विश्व की मानवता को ललकारा है. आतंकवाद ने मानवतावाद को चुनौती दी है. वो मानवीय शक्तियों को नष्ट करने पर तुला हुआ है. इसलिए, सिर्फ़ भारत ही नहीं, विश्व की सभी मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर आतंकवाद को पराजित करके ही रहना होगा. भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु नानक, महात्मा गांधी, ये ही तो ये धरती है जिसने अहिंसा और प्रेम का संदेश दुनिया को दिया है. आतंकवाद और उग्रवाद, हमारी सामाजिक संरचना को कमज़ोर कर, उन्हें छिन्न-भिन्न करने का नापाक प्रयास करते हैं. इसलिए, मानवतावादी शक्तियों का अधिक जागरूक होना समय की मांग है.''
मन की बात में और क्या बोले प्रधानमंत्री? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''आज संविधान दिवस है, 1949 में आज ही के दिन संविधान-सभा ने भारत के संविधान को स्वीकार किया था. 26 जनवरी 1950 को, संविधान लागू हुआ था. भारत का संविधान, हमारे लोकतंत्र की आत्मा है. आज का दिन, संविधान-सभा के सदस्यों के स्मरण करने का दिन है. उन्होंने भारत का संविधान बनाने के लिए लगभग तीन वर्षों तक परिश्रम किया. संविधान-दिवस के अवसर पर डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की याद आना तो स्वाभाविक है, आज हम भारत के जिस संविधान पर गौरव का अनुभव करते हैं, उसके निर्माण में बाबासाहेब आंबेडकर के कुशल नेतृत्व की अमिट छाप है.''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''चार दिसंबर को हम सब नौसेना दिवस दिवस मनाएंगें. भारतीय नौ-सेना, हमारे समुद्र-तटों की रक्षा और सुरक्षा प्रदान करती है. मैं, नौ-सेना से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन करता हूँ. जब हम नौ-सेना की बात करते हैं तो सिर्फ हमें युद्ध ही नज़र आता है लेकिन भारत की नौ-सेना, मानवता के काम में भी उतनी ही बढ़-चढ़ कर के आगे आई है.''
गुजरात चुनाव: बीजेपी ने किया 'मन की बात, चाय के साथ' कार्यक्रम? गुजरात चुनाव में बीजेपी प्रचार के नए-नए तरीके आजमा रही है. आज 'मन की बात-चाय के साथ' कैंपेन का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में 182 सीटों के 50 हजार पोलिंग बूथ पर बीजेपी के स्टार प्रचारक मौजूद रहे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय जीतेंद्र सिंह, सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, उमा भारती, धर्मेंद्र प्रधान, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी मौजूद रहे.
चाय पर चर्चा और मन की बात पर बीजेपी की ये नई रणनीति उस विवादित फोटो के बाद आई है, जिसे यूथ कांग्रेस से जुड़ी मैगजीन के ट्विटर हैंडल ने शेयर किया था. इसमें मीम के जरिए पीएम मोदी पर भद्दा मजाक किया गया था. हालांकि विवाद के बाद कांग्रेस ने माफी मांग कर ट्वीट हटा दिया था लेकिन बीजेपी इस चाय के मुद्दे को गर्म रना चाहती है.
Source: IOCL

























