एक्सप्लोरर

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री देख शरद पवार को अपने दिन याद आ गए होंगे! जानें 44 साल पहले की कहानी

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्होंने पिछले दिनों शिवसेना में बगावत कर दी थी. इसके बाद अब उन्होंने बीजेपी से मिलकर सरकार बनाई है.

Eknath Shinde Takes Oath: शिवसेना (Shiv Sena) के बागी एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को उनकी बगावत का इनाम मिल गया है. अब वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए हैं लेकिन महाराष्ट्र में ही एक और कद्दावर नेता हैं, जिन्हें एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनता देख अपने करीब 44 साल पुराने दिन याद आ गए होंगे. वो नेता हैं शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री जो पहली बार महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री बने थे तो वो भी कांग्रेस के बागी ही थे और मुख्यमंत्री की कुर्सी उनके इसी बगावत का इनाम थी. 

तारीख थी 18 जुलाई 1978 का. उस दिन महाराष्ट्र में शरद पवार (Sharad Pawar) ने शपथ ली थी. उनके सियासी गुरू थे यशवंत राव चव्हाण. महाराष्ट्र राज्य के पहले मुख्यमंत्री. उन्होंने ही शरद पवार को 27 साल की उम्र में पुणे की बारामती सीट से विधायक बनवाया था. जब इंदिरा गांधी ने कांग्रेस तोड़ दी, तब भी शरद पवार इंदिरा गांधी की कांग्रेस के ही साथ थे. आपातकाल के दौरान जब महाराष्ट्र में शंकर राव चव्हाण की सरकार थी, शरद पवार उस सरकार में गृह मंत्री थे. आपातकाल के बाद कांग्रेस को हर जगह चुनावों में शिकस्त मिली. महाराष्ट्र भी उससे अछूता नहीं था और नतीजा ये हुआ कि मुख्यमंत्री शंकर राव चव्हाण की जगह वसंत दादा पाटिल ने ले ली.


Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री देख शरद पवार को अपने दिन याद आ गए होंगे! जानें 44 साल पहले की कहानी

इसी बीच कांग्रेस में टूट हो गई. कर्नाटक के मुख्यमंत्री देवराज उर्स की अगुवाई में इंदिरा गांधी की कांग्रेस के दो धड़े हो गए. एक तो इंदिरा गांधी की कांग्रेस आई और दूसरा देवराज उर्स की कांग्रेस यू. शंकर राव चव्हाण कांग्रेस यू का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल भी कांग्रेस यू का ही हिस्सा बने. शरद पवार भी कांग्रेस यू का ही हिस्सा बने. 1978 में जब विधानसभा के चुनाव हुए, तो दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा. कांग्रेस आई को 65 सीटें मिली और कांग्रेस यू को 69 सीटें मिली. लेकिन मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सत्ता में न आ सके, इसलिए कांग्रेस आई और कांग्रेस यू ने हाथ मिला लिया.

एक बार फिर से वसंतदादा पाटिल मुख्यमंत्री बन गए. कांग्रेस (आई) के नासिकराव तिरपुदे उप मुख्यमंत्री बने. यशवंत राव चव्हाण के कहने पर वसंत दादा पाटिल ने शरद पवार को अपनी कैबिनेट में शामिल कर लिया. उन्हें उद्योग और श्रम मंत्रालय का काम सौंपा गया. लेकिन शरद पवार की सियासी महात्वाकांक्षा कुछ और ही थी. वो मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे थे और इसके लिए ज़रूरी था उनका बागी होना. 

आत्मकथा में पवार ने किया जिक्र
उनकी इस बगावत के पीछे थे चंद्रशेखर, जो तब जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और जिनकी पार्टी की केंद्र में सरकार थी, जिसका नेतृत्व मोराजी देसाई कर रहे थे. शरद पवार अपनी आत्मकथा ऑन माई टर्म्स में लिखते हैं कि अबा साहेब कुलकर्णी ने चंद्रशेखर से बात करने के बाद मुझसे बात की और कहा कि जनता पार्टी के नेता महाराष्ट्र में सरकार बनाने के इच्छुक हैं, लेकिन तुमको इसमें निर्णायक भूमिका निभानी होगी.

चंद्रशेखर का भरोसा मिलने के बाद शरद पवार ने सुशील कुमार शिंदे, दत्ता मेघे और सुन्दर राव सोलंकी के साथ अपना-अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया. उस वक्त शरद पवार के पास कुल 12 विधायक थे, जिन्हें शरद पवार ने जनता पार्टी के कहने पर तोड़ लिया था. अब शरद पवार बागी हो गए थे और उन्होंने इस बगावत में अपने सियासी गुरु यशवंत राव चव्हाण की भी बात नहीं सुनी थी, जिनसे इंदिरा गांधी ने शरद पवार को मनाने के लिए कहा था. लेकिन शरद पवार नहीं माने. 

38 साल की उम्र में बने सीएम
उन्होंने कांग्रेस यू के तो 12 विधायकों को तोड़ा ही तोड़ा, कांग्रेस एस के भी 38 विधायक तोड़ दिए. और फिर एक नई पार्टी का गठन हुआ, जिसे नाम दिया गया समानांतर कांग्रेस. दादासाहेब रुपावते को इस पार्टी का मुखिया बनाया गया. फिर तो समानांतर कांग्रेस, जनता पार्टी और पीजेंट्स एंड वर्क्स पार्टी ने मिलकर मोर्चा बनाया, जिसे नाम दिया गया प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट. खुद जनता पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पद के लिए शरद पवार के नाम का ऐलान किया. 18 जुलाई, 1978 को तीन मंत्रियों उत्तम राव पाटिल, निहाल अहमद और सुंदरराव सोलंकी के साथ शरद पवार ने 38 साल की उम्र में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.


Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री देख शरद पवार को अपने दिन याद आ गए होंगे! जानें 44 साल पहले की कहानी

शरद पवार (Sharad Pawar) ने जिन परिस्थितियों में कांग्रेस यू तोड़ी, जिस तरह से कांग्रेस आई तोड़ी और जैसा समर्थन उन्हें जनता पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर की ओर से मिला था, अब ठीक वैसा ही वाकया महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने दोहराया है. उन्होंने शिवसेना तोड़ी, महाविकास अघाड़ी सरकार में सेंध लगाई और जैसा समर्थन उन्हें बीजेपी की ओर से मिला, वो शरद पवार की तरह ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए. लेकिन क्या जिस तरह से शरद पवार दो साल से भी कम वक्त तक मुख्यमंत्री रह पाए थे और प्रदेश राष्ट्रपति शासन के हवाले हुआ था. शिंदे (Eknath Shinde) के साथ भी वही वाकया दोहराया जाएगा या फिर शिंदे अपना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे. ये अब भी भविष्य में है.

Maharashtra Politics: पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को दी बधाई, साथ ही कही ये बात

एकनाथ शिंदे के सीएम बनने पर उद्धव ठाकरे की आई पहली प्रतिक्रिया, दिया ये बयान

अविनाश राय एबीपी लाइव में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. अविनाश ने पत्रकारिता में आईआईएमसी से डिप्लोमा किया है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट हैं. अविनाश फिलहाल एबीपी लाइव में ओरिजिनल वीडियो प्रोड्यूसर हैं. राजनीति में अविनाश की रुचि है और इन मुद्दों पर डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वीडियो कंटेंट लिखते और प्रोड्यूस करते रहते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान जंग का असर, भारत में महंगी हुई दवाइयां; फार्मा संगठन ने सरकार को भेजी इमरजेंसी रिपोर्ट
ईरान जंग का असर, भारत में महंगी हुई दवाइयां; फार्मा संगठन ने सरकार को भेजी इमरजेंसी रिपोर्ट
झारखंड टेंडर घोटाला, ED ने कोर्ट में दाखिल की पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट, जोड़े 14 इंजीनियर आरोपी
झारखंड टेंडर घोटाला, ED ने कोर्ट में दाखिल की पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट, जोड़े 14 इंजीनियर आरोपी
Bengal Assembly Election 2026: चुनाव आयोग की कार्रवाई या करियर पर 'दाग'? चुनाव में हटे अधिकारियों के प्रमोशन और भविष्य पर लटकी तलवार
चुनाव आयोग की कार्रवाई या करियर पर 'दाग'? चुनाव में हटे अधिकारियों के प्रमोशन और भविष्य पर लटकी तलवार
RGUKT बासर में पुलिस की बदसलूकी, महिला अधिकारी की अभद्र भाषा से बवाल, BRS नेता कृष्णांक ने कांग्रेस सरकार को घेरा
RGUKT बासर में पुलिस की बदसलूकी, महिला अधिकारी की अभद्र भाषा से बवाल, BRS नेता ने कांग्रेस सरकार को घेरा

वीडियोज

अब जिंदा कौन है...
सुनवाई कर रही महिला जज पर गिरा भारी-भरकम पंखा!
इन देशों को भी ईरान ने दी धमकी, दुनिया देखेगी महायुद्ध
नेतन्याहू के 'वॉर ट्रैप' में कैसे फंसे ट्रंप?
ईरान-इजरायल युद्ध में फंसा भारत? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सऊदी अरब में नहीं दिखा चांद, जानें भारत समेत दुनिया में कब मनाई जाएगी ईद?
सऊदी अरब में नहीं दिखा चांद, जानें भारत समेत दुनिया में कब मनाई जाएगी ईद?
भारी बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में बिजली गुल, IMD ने राज्यों को भेजा अलर्ट, 16 फ्लाइट डायवर्ट
भारी बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में बिजली गुल, IMD ने राज्यों को भेजा अलर्ट, 16 फ्लाइट डायवर्ट
IPL के एक ओवर में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले 7 गेंदबाज, जानें सबसे महंगा कौन
IPL के एक ओवर में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले 7 गेंदबाज, जानें सबसे महंगा कौन
Dhurandhar The Revenge Live: 'धुरंधर 2' कैसी फिल्म है? रिव्यू पढ़ें, रिलीज़ से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर सुनामी, कलेक्शन जानें
Live: 'धुरंधर 2' कैसी फिल्म है? रिव्यू पढ़ें, रिलीज़ से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर सुनामी, कलेक्शन जानें
खुले में नमाज पढ़ने पर लगी रोक! अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच UAE का बड़ा फैसला, जारी की नई गाइडलाइंस
खुले में नमाज पढ़ने पर लगी रोक! अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच UAE का बड़ा फैसला
पाकिस्तान ने 5 दिनों के लिए घोषित किया सीजफायर, अफगानिस्तान पर ईद तक नहीं करेगा अटैक, क्यों लिया ये फैसला?
पाकिस्तान ने 5 दिनों के लिए घोषित किया सीजफायर, अफगानिस्तान पर ईद तक नहीं करेगा अटैक, क्यों लिया ये फैसला?
Surgical Complications: गलती, लापरवाही या डॉक्टरों पर बढ़ता प्रेशर, भारत में क्यों जानलेवा बन रही हैं सामान्य सर्जरी?
गलती, लापरवाही या डॉक्टरों पर बढ़ता प्रेशर, भारत में क्यों जानलेवा बन रही हैं सामान्य सर्जरी?
बेटी के पैदा होते ही तुरंत करें ये काम, बिटिया की शादी के लिए फिर नहीं जोड़ना पड़ेगा पैसा
बेटी के पैदा होते ही तुरंत करें ये काम, बिटिया की शादी के लिए फिर नहीं जोड़ना पड़ेगा पैसा
Embed widget