Lockdown: सेना मुख्यालय और कमांड हेडक्वार्टर्स में 20 अप्रैल से काम पर लौट आएगा 50 फीसदी स्टाफ
देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. ऐसे में भारतीय सेना की ओर से भी अपने कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

नई दिल्ली: भारतीय सेना के मुख्यालय सहित सभी कमांड मुख्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ 20 अप्रैल से काम पर लौट आएगा. अभी मात्र 5-10 प्रतिशत अधिकारी ही काम पर आ रहे हैं और बाकी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में दूसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा 3 मई तक की थी. लेकिन उन्होनें साथ में ये भी कहा था कि 20 अप्रैल तक समीक्षा की जाएगी कि जिन जिन इलाकों में कोई कोरोना वायरस का मामला सामने नहीं आयेगा यानि हॉट-स्पॉट नहीं होंगे वहां लॉकडाउन में कुछ छूट दे दी जाएगी.
इसी कड़ी में भारतीय सेना ने समीक्षा करके फैसले लिया है कि राजधानी दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय के ऑपरेशन्स-रूम, मिलिट्री इंटेलीजेंस, ऑपरेशन्ल-लॉजिस्टिक और स्ट्रेटेजिक-मूवमेंट इत्यादि दफ्तरों में 50 प्रतिशत अधिकारी फिर से काम पर लौट आएंगे. सेना के मुताबिक, मेडिकल-सेवाओं से जुड़ा डीजीएमएस विभाग पूरी तरह से अपनी सेवाएं देता रहेगा क्योंकि ये कोविड-19 महामारी से लड़ने में अग्रणीय सेवाएं दे रहा है.
उत्तरी और पूर्वी सीमा की सुरक्षा के लिए चलेंगी दो स्पेशल मिलिट्री-ट्रेन
सेना के मुताबिक, उत्तरी और पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा के मद्देनजर 17 और 18 अप्रैल को दो विशेष मिलिट्री ट्रेन चलाई जाएंगी जो बेंगुलरू से जम्मू और गुवाहटी तक जाएंगी. ये दोनों ट्रेन बेंगलुरू, बेलगाम, सिकंदराबाद (हैदराबाद) और गोपालपुर (ओडिसा) में ट्रैनिंग के लिए गए अधिकारियों के लिए चलाए गई हैं जो लॉकडाउन के कारण वहीं फंसे हुए हैं. भारत की उत्तरी सीमा पाकिस्तान से सटे जम्मू-कश्मीर और करगिल के साथ साथ लद्दाख से सटी चीन सीमा है. जबकि पूर्वी सीमा चीन से सटे सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश और नागालैंड में है.
भारतीय रेलवे के समन्वय से चल रही पहली ट्रेन 17 अप्रैल को बेंगलुरू से बेलगाम, सिकंदाराबाद और अंबाला होती हुई जम्मू पहुंचेगी. दूसरी ट्रेन 18 अप्रैल को बेंगुलरू से बेलगाम, सिकंदराबाद, गोपालपुर, हावड़ा (कोलकता), नई जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) होते हुए गुवाहटी पहुंचेगी.
ट्रेनिंग सेंटर्स में फंसे सैन्य-अधिकारियों के लिए चलेंगी ये खास ट्रेन
इन ट्रेन से सिर्फ वही सैनिक और सैन्य-अधिकारी यात्रा करेंगे जिनकी पोस्टिंग उत्तरी कमान या फिर पूर्वी कमान के अंतर्गत है और जिन्होनें 14 दिन का कोरांटीन (क्वारंटीन) किया हुआ है. सेना के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में भारतीय रेल के साथ मिलकर कुछ और अतिरिक्त ट्रेन भी सैनिकों के लिए चलाए जाएंगी.
आपको बता दें कि लॉकडाउन के बाद से ही सेना ने अपनी सभी 'मूवमेंट' बंद कर रखी थीं, जो 19 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है. सेना के वे सभी ऑफिस और यूनिट जो हॉटस्पॉट के दायरे में आते हैं वे सभी 'नो-मूवमेंट' को पालन करते रहेंगे. सेना के मुताबिक, सभी ट्रैनिंग और अस्थायी सेवाएं 3 मई तक बंद रहेंगी. साथ ही सभी तरह के सेमिनार, रेजीमेंट और यूनिट्स में सोशल, स्पोर्ट्स, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन भी 3 मई तक बंद रहेंगे. लेकिन इस दौरान सभी सैन्य-अधिकारी वर्क फ्रॉम होम का पालन करेंगे.
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