अजित पवार पर BJP के अंदर से उठी आवाज, खड़से बोले- घोटाले के आरोपी से नहीं लेना चाहिए था समर्थन

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महाराष्ट्र के सियासी ड्रामे का दी एंड होते ही, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति के हीरो बनकर उभरे हैं. 20 साल बाद शिवसेना से कोई सीएम की कुर्सी पर बैठेगा. इससे भी अहम बात ये है कि पहली बार ठाकरे परिवार को कोई सदस्य राज्य की कमान संभालेगा. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 28 नवंबर को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. 28 नवंबर को शाम पांच बजे से शपथ ग्रहण का ये समारोह शुरू हो जाएगा.
देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया और राजभवन में शपथ दिलाई. इसके साथ ही राज्यपाल ने आज सुबह आठ बजे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था. इसमें महाराष्ट्र के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलायी गई.
कल शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 23 नवंबर को बीजेपी को समर्थन दे दिया था. जिसके बाद उसी दिन देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. लेकिन करीब 80 घंटों के भीतर ही फडणवीस की सरकार गिर गई. अजित पवार के इस्तीफे के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. फडणवीस ने शिवसेना पर मौकापरस्ती और हॉर्स ट्रेडिंग करने के आरोप भी लगाए.
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