सुपर स्टार रजनीकांत की पत्नी लता को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका, चलेगा धोखाधड़ी का केस
कोर्ट ने उनके खिलाफ बेंगलुरू में दर्ज लगभग 6 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के केस को बहाल कर दिया है. कोर्ट ने कहा है इस मुकदमे को रद्द करने का हाई कोर्ट का फैसला गलत था.

नई दिल्ली: तमिल सुपर स्टार रजनीकांत की पत्नी लता को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनके खिलाफ बेंगलुरू में दर्ज लगभग 6 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के केस को बहाल कर दिया है. कोर्ट ने कहा है इस मुकदमे को रद्द करने का हाई कोर्ट का फैसला गलत था. लता रजनीकांत के खिलाफ ये आपराधिक केस ऐड ब्यूरो नाम की कंपनी ने दर्ज कराया था. कंपनी का कहना था कि उसने 2014 में रिलीज़ हुई रजनीकांत की फ़िल्म 'कोचदाइयां' को फाइनांस किया था. इसके बदले निर्माता लता ने उसे तमिलनाडु में फ़िल्म का वितरण अधिकार देने का वादा किया था. लेकिन किसी और को वितरण अधिकार दे दिया गया. इतना ही नहीं निर्माता ने उसके पैसे भी नहीं लौटाए.
निचली अदालत में चल रहे इस मुकदमे को कर्नाटक हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था. इसके खिलाफ 'ऐड ब्यूरो' सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. सुप्रीम कोर्ट में इस साल फरवरी में हुई सुनवाई में लता रजनीकांत ने 6.2 करोड़ रुपए चुकाने का हलफनामा दिया था. पिछले हफ्ते कोर्ट को पता चला कि हलफनामा देने के बावजूद लता ने पैसे नहीं चुकाए हैं. लता की तरफ से पेश नए वकील ने पुराने हलफनामे से मुकरने की भी कोशिश की. दावा किया कि पुराने वकील ने लता की इजाज़त के बिना हलफनामा दायर कर दिया था.
इस दलील पर कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई थी. कोर्ट ने कहा था, "आप कोर्ट के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. हमें आपके हलफनामे से मतलब है, जिसका आपने पालन नहीं किया. हम आपको अब कोई राहत नहीं देंगे. आप निचली अदालत में मुकदमे का सामना करें."
6 करोड़ रुपए के इस मुकदमे के बहाल होने से लता रजनीकांत की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. उन्हें अब निचली अदालत में ज़मानत लेनी होगी. अगर वो ऐड ब्यूरो के दावे को गलत साबित करने में नाकाम होती हैं, तो उन्हें जुर्माना चुकाने के साथ जेल भी जाना पड़ सकता है.
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