(Source: ECI/ABP News)
जयपुर में इलेक्ट्रिशियन बनकर रहा, फिर फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागा लश्कर का आतंकी, ऐसे हुआ खुलासा
Jammu Kashmir: श्रीनगर में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. श्रीनगर पुलिस की जांच में आतंकवादी उमर हाशिम उर्फ खरगोश का जयपुर कनेक्शन भी सामने आया है.

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. श्रीनगर पुलिस की जांच में आतंकवादी उमर हाशिम उर्फ खरगोश का जयपुर कनेक्शन भी सामने आया है. आतंकी करीब एक साल तक जयपुर में रहा और यही से फर्जी दस्तावेज बनवाकर विदेश फरार हो गया. आतंकी उमर हाशिम ने जयपुर में रहकर इलेक्ट्रिशियन का काम किया. इस जानकारी के बाद स्थानीय जांच एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए.
सूत्रों की मानें तो उमर हासिम 2012 में पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर पहुंचा और यहां पर लश्कर-ए-तैयबा को संगठन को मजबूत किया. राजस्थान पंजाब और हरियाणा में पूरे मॉड्यूल को खड़ा किया. वह पाकिस्तानी आतंकी अबुहुरैरा के संपर्क में था. वह लश्कर के चीफ हाफिज सईद को जानकारी देता था. 2023 में आतंकी उमर हासिम जयपुर पहुंचा और साल 2024 एक साल तक जयपुर में रहा.
जयपुर में रहकर बनाया फर्जी पासपोर्ट
इस दौरान आतंकी हाशिम प्रसिद्ध मंदिर और पर्यटक स्थल और भीड़-भाड़ वाली जगह पर घूमने गया. उसने जयपुर में रहकर फर्जी पासपोर्ट बनवाया. यह जानकारी भी सामने आयी है कि श्रीनगर में उसने एक युवती से शादी की और उसके बाद वो जयपुर रहा. यहां रह कर उसने कई फर्जी दस्तावेज बनवाए दस्तावेज बनाने में सहयोग करने वालों की भी जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं.
ATS और श्रीनगर पुलिस ने जयपुर के कुछ संदिग्ध उसके सहयोगियों को डिटेन किया है. शहजाद नाम से आतंकी खरगोश ने पासपोर्ट बनवाया. जयपुर की चार दीवारी इलाके में खरगोश रहा, इसी फर्जी पासवर्ड के आधार से वह इंडोनेशिया और अब खाड़ी देश में फरार हो गया. वहीं उसने जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में काम किया. उसको नौकरी लगाने वाले 1 शख्स को डिटेन किया गया है.
वहीं बिना वेरिफिकेशन के मकान किराया पर देने वाले मकान मालिक को भी डिटेन किया गया है. एक और शख्स को भी डिटेन किया है, जिसने फर्जी डॉक्यूमेंट और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी. वहीं एक चौथे शख़्स को भी डिटेन किया है. वह खरगोश का दोस्त बना और उसके साथ नेपाल घूमने गया था. खुफिया एजेंसी के अलावा अब पुलिस भी मामले की जांच कर रही हैं, क्योंकि फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर जयपुर में रुकना और पासपोर्ट बनाना सुरक्षा में भारी कमी है. सूत्रों की मानें तो खरगोश जयपुर से पहले हरियाणा के नूंह मेवात में भी रहा फिलहाल राजस्थान ATS मामले की जांच में जुटी हुई है.
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