(Source: Matrize | *Exit polls are projections; official results on May 4, 2026)
होलिका दहन से स्वाइन फ्लू भगाने का सच

नई दिल्ली: 13 मार्च को पूरे देश में होली मनाई जाएगी. पूरा देश होली के इंतजार में है, रंग में सराबोर होने के इंतजार में है. होली से पहले सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला मैसेज वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर दावा है कि होलिका दहन में दी गई आहुति से स्वाइन फ्लू का वायरस मर जाएगा.
सोशल मीडिया पर होलिका दहन को लेकर वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है, ''सभी से निवेदन है जब आप छोटी होलिका दहन में जाएं तो कम से कम एक डिब्बा कपूर और छोटी इलायची साथ में जलाएं क्योंकि कपूर और इलायची की खुशबू से स्वाइन फ्लू का वायरस मर जाता है. होली पूरे देश में मनाई जाती है एक साथ पूरे देश में इतना कपूर जलाने पर स्वाइन फ्लू का 70 फीसदी वायरस हवा में ही खत्म हो जाता जाएगा. इस संदेश को सब तक पहुंचाएं और देश को इस फ्लू से बचाएं.''
कपूर और इलायची की खुशूब से स्वाइन फ्लू का वायरस मर सकता है या नहीं ये जानने के लिए हमने दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में सीनियर फिजीशियन डॉक्टर एसपी बायोत्रा से बात की. डॉक्टर एसपी बायोत्रा ने बताया कि कपूर मच्छरों से होने वाली बीमारियों से निपटने में मदद जरूर करता है लेकिन स्वाइन फ्लू के वायरस कपूर जलाने से दूर नहीं हो सकते. ये वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है. उन्होंने कहा कि मच्छर से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और ज़ीक़ा वाइरस पर कपूर के ज़रिये काबू पाया जा सकता है. ऐसे में वातावरण को शुद्ध करने और मच्छर से पैदा होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सकता है लेकिन स्वाइन फ़्लू में यह प्रभावकारी नहीं है. स्वाइन फ़्लू का वायरस ड्रॉप्लेट्स से एक इंसान से दुसरे इंसान में फैलता है, ऐसे में कपूर या इलाइची जलाकर इसपर नियंत्रण करने का दावा बेबुनियाद है. एबीपी न्यूज की पड़ताल में वायरल हो रहा ये मैसेज झूठा साबित हुआ है.
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