जगन्नाथ मंदिर में ममता को ना घुसने देने का सच ?

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर हरदिन कई तस्वीरें, मैसेज और वीडियो वायरल होते हैं. इन तस्वीरों, मैसेज और वीडियो के जरिए कई चौंकान वाले दावे भी किए जाते हैं. ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. वायरल तस्वीर के साथ दावा है कि ओडिशा के मंदिर के पुजारियों ने ममता बनर्जी के हिंदू होने पर ही सवाल उठा दिए हैं. और मंदिर में प्रवेश पर बैन लगा दिया है.
क्या लिखा है वायरल तस्वीर के साथ? तस्वीर के साथ वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है, ''पुरी जगन्नाथ मंदिर में ममता बनर्जी के घुसने पर बैन. मंदिर ने ममता को गैर हिंदू बताया, आज ओडिशा गई थी ममता" इस मैसेज को हवा मिले इसलिए सबसे नीचे लिखा है कि जगन्नाथ मंदिर ने इंदिरा गांधी पर बैन लगाया था.
क्या जगन्नाथ मंदिर ने ममता पर बैन लगाया है? ममता बनर्जी के मंदिर में प्रवेश पर मंदिर प्रशासन की तरफ से कोई रोक नहीं लगाई गई थी. मंदिर में काम करने वाले सोमनाथ नाम के शख्स ने ममता बनर्जी के वहां आने और पूजा करने पर आपत्ति जताते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था.
ओडिशा पुलिस ने सोमनाथ को हिरासत में ले लिया है. लेकिन मंदिर प्रशासन ने ममता पर कोई बैन नहीं लगाया था. एबीपी न्यूज़ की पड़ताल में जगन्नाथ मंदिर में ममता के प्रवेश पर रोक का दावा झूठा साबित हुआ है.
जानना जरूरी इंदिरा गांधी को 1984 में मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था क्योंकि उनकी शादी फिरोज गांधी से हुई थी जो कि पारसी थे. इसलिए इंदिरा गांधी को बिना दर्शन पुरी के जगन्नाथ मंदिर से लौटना पड़ा था.
जगन्नाथ मंदिर के बारे में अहम जानकारी देश के प्राचीन मंदिरों में से एक पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिंदुओं के चार धामों में से एक धाम के रुप में जाना जाता है. मंदिर के अंदर भगवान जगन्नाथ यानि कृष्ण, सुभद्रा, बलभद्र यानि (बलराम) की मूर्तियां रखी हुई हैं.
हर 12 साल में मूर्तियों को बदला जाता है. खास बात है कि उनके आकार में कोई बदलाव नहीं होता. हर साल होने वाली जगन्नाथ रथयात्रा भक्तों और देश-विदेश लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती है.
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