हैदराबाद में दिखा '22 डिग्री सूर्य का प्रभामंडल', जानिए क्या है इसका अर्थ?
ऐसी स्थिति प्रकाश के फैलाव के कारण बनती है. जो सूर्य और चंद्रमा के चारों ओर लगभग 22 डिग्री की स्पष्ट गोल रिंग की आकृति के रूप में नजर आती है.

तेलंगाना में बुधवार को सूरज के चारों ओर एक इंद्रधनुषी रंग की दुर्लभ घटना देखी गई. इस अद्भुत घटना की तस्वीरें लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. इन तस्वीरों में सूरज के चारों ओर गोल रिंग की आकृति देखने को मिल रही है. वहीं ऐसा ही प्रभामंडल सूरज के चारों तरफ एक हफ्ते पहले बेंगलुरु में भी देखा गया था. दरअसल, प्रकाश के फैलाव के कारण होने वाली इस दुर्लभ ऑप्टिकल और वायुमंडलीय घटना को 22 डिग्री गोलाकार प्रभामंडल कहा जाता है. जो सूरज या चंद्रमा के चारों ओर लगभग 22 डिग्री की गोल आकृति के रूप में नजर आती है.
चंद्रमा के चारों ओर दिखाई देने पर इसे मून रिंग या विंटर हेलो कहा जाता है. EarthSky.org ने अपवर्तन, प्रकाश के विभाजन और इन बर्फ क्रिस्टल से प्रतिबिंब या प्रकाश की चमक दोनों के कारण होने वाली घटना की व्याख्या की है.प्रक्रिया के दौरान प्रकाश दो अलग अलग अपवर्तन से गुजरता है, पहली बार ये बर्फ के क्रिस्टल से होकर गुजरता है और दूसरी बार जब ये मौजूद होता है. वैसे इस घटना को 2020 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में भी देखा गया था.
सूर्य का प्रभामंडल क्या है?
तेलंगाना के कुछ हिस्सों के आसपास देखा गया सूर्य का प्रभामंडल 22 डिग्री की गोल आकृति है, जो रोशनी के फैलाव के कारण नजर आती है, क्योंकि सफेद रोशनी ऊपरी स्तर के बादलों में पाए जाने वाले बर्फ के क्रिस्टल से होकर गुजरती है इस वजह से इसके प्रभामंडल में रंग होते हैं.
अलग-अलग नजर आती है प्रभामंडल की आकृति
जानकारी के मुताबिक हर व्यक्ति को अलग अलग तरह की आकृति नजर आती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इंद्रधनुष की तरह सूर्य के चारों ओर प्रभामंडल और चंद्रमा का प्रभामंडल व्यक्तिगत रहता है. इस वजह से हर कोई अपने स्वयं के विशेष प्रभामंडल को देखता है.
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