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जानें- नेवी में शामिल हुई पनडुब्बी 'खांदेरी' से जुड़ी पांच बड़ी बातें

नई दिल्ली: भारत ने समंदर की गहराइयों तक अपनी पैठ को मजबूत करते हुए खांदेरी नाम के पनडुब्बी को पानी में उतारा है. जिसके बाद भारतीय नौसेना की ताकत काफी अधिक बढ़ गई है. मुंबई में आज इसे समंदर में उतार दिया गया, लेकिन अभी एक साल तक खांदेरी को बेहद कड़े परीक्षणों से गुजरना होगा.
आइए आपको बताते है कि खांदेरी से जुड़ी पांच बड़ी बातें.
- खांदेरी अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और इसे जल और स्थल दोनों जगह से लॉन्च किया जा सकता है. यानि खांदेरी पानी के भीतर से भी दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में सक्षम है. सिर्फ इतना ही नहीं दुश्मन चाहे कितनी भी कोशिश कर ले वो खांदेरी की चाल को नहीं जान पाएंगे, यानि रडार भी खांदेरी को डिटेक्ट नहीं कर पाएगा.
- बनावट के लिहाज से खांदेरी का ढ़ाचा बेहद ही जटिल है. इसके ढ़ाचे को अलग-अलग सेक्शन में तैयार किया गया था. इसके अंदर कई किलोमीटर के तार और पाइप को बहुत ही कम जगह में सेट किया गया है.
- एक खास बात और कि इस सबमरीन के अंदर डीजल से चलने वाला इलेक्ट्रीक इंजन लगा हुआ है. जिसके कारण यह ज्यादा देर तक पानी में के भीतर चार्ज नहीं रह पाएगा. इसलिए इसे वापस पर सतह पर लाकर इसके बैटरी को खास तरह के पाइप्स के जरिए चार्ज करना पड़ेगा.
- भारत दुनिया के उन कुछ देशों में से है जो पनडुब्बी का निर्माण करते हैं. इस पनडुब्बी का निर्माण भारत में किया गया है और इसे माजागोन डॉक लिमिटेज ने फ्रांस के डिफेंस ग्रुप डीसीएनएस के साथ मिलकर तैयार किया है. जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीक का आदान-प्रदान करना है.
- नेवी के मुताबिक खांदेरी एक टापू का नाम है जहां मराठा लड़ाकों का किला है, जिन्होंने सत्रहवी शताब्दी के दौरान समुद्र पर अपना आधिपत्य कायम रखने में अहम भूमिका निभाई थी.
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Source: IOCL

























