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सेना के अलावा देश की सुरक्षा में लगे हैं 7 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जानें- BSF, CRPF, CISF सहित सभी के बारे में

आइए जानते हैं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बारे में सबकुछ. कितने सुरक्षा बल इसमें शामिल हैं ? उनका काम क्या है?

नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही CRPF के जवान खबरों में हैं. इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. एक बार फिर CRPF के जवान चर्चा की वजह बने हैं. इस बार वजह उनके रिटायरमेंट के एज से जुड़ी हुई है. दरअसल इस साल जनवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए यूनीफॉर्म रिटारमेंट एज 60 साल तय करने करने के आदेश दिए थे. दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद गृह मंत्रालय ने सशस्त्र बलों से इस फैसले को लेकर राय मांगी थी. इस पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने सेवानिवृत्ति की आयु 57 साल से बढ़ाकर 60 साल करने पर आपत्ति जाहिर की है. बता दें कि CRPF के अलावा अन्य सभी अर्धसैनिक बलों ने इसको स्वीकार किया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर भारत में कितने तरह के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल हैं और उनके काम क्या-क्या है.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), गृह मंत्रालय के अधिकार के तहत आता है. इसमें भारत के सात सुरक्षा बल शामिल होते हैं. इसमें असम राइफल्स (AR), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITPP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) शामिल है.

सातों सीएपीएफ में से प्रत्येक के पास अपने स्वयं के अधिकारियों का कैडर है लेकिन वे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के नेतृत्व में काम करते हैं. आइए एक-एक करके इन सभी के बारे में जानते हैं..

असम राइफल्स (AR)

इसका गठन1835 में कछार लेवी के नाम से किया गया था. असम राइफल्स को देश का सबसे पूराना पुलिस बल माना जाता है. असम राइफल्स की मुख्य जिम्मेदारी देश के पुर्वोत्तर क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा देना है. इसके अलावा भारत-म्यांमार सीमापर भी असम राइफल्स देश की सुरक्षा करते हैं. इसके अलावा इन्होंने पुर्वोत्तर के लोगों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का भी काम किया है और कर रहे हैं. इन्हें ‘पूर्वोत्तर का प्रहरी’कहा जाता है.

उग्रवादियों से लड़ने के लिए असम रायफल्स को खासकर जाना जाता है. 1835 में जब असम रायफल्स का गठन हुआ था तब इसका नाम ‘कैचर लेवी’ था और बाद में 1883 में इसका नाम असम फ्रंटियर पुलिस, 1891 में असम मिलिट्री पुलिस, 1913 में ईस्टर्न बंगाल एंड असम मिलिट्री पुलिस और 1917 में इसका नाम असम रायफल्स रखा गया जो आज तक जारी है. असम रायफल्स ने द्वितीय विश्व युद्ध में भी हम भूमिका निभाई थी खासकर वर्मा में. इस समय इसमें 48 बटालियन हैं जिसमें 66,411 सैनिक सक्रिय हैं.

सीमा सुरक्षा बल (BSF)

यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है. इसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में हुआ था. इसकी जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है. इसके बटालियन की बात करें तो इस समय बीएसएफ की 188 बटालियन है और यह 6,385.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है. बीएसएफ सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी/घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने की जवाबदेही भी इस पर है. बीएसएफ का हेडक्वार्टर दिल्ली में है.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)

यह अर्धसैनिक बल भी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है. सीआईएसएफ मुख्य रूप से सरकारी उपक्रमों और सरकारी कारखानों की सुरक्षा के अतिरिक्त देश के आंतरिक सुरक्षा, विशिष्ट लोगों की सुरक्षा, मेट्रो, परमाणु संस्थान, ऐतिहासिक धरोहरों आदि की भी सुरक्षा करता है. इसके जवानों की संख्या की बात करें तो मौजूदा समय में इसमें लगभग 1.50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं. इसका भी मुख्यालय दिल्ली में ही है. यह 1969 में बना था.

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG)

इस सैन्य दल का मुख्य काम आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के विरोध में किया जाता है. इसका गठन भारतीय संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड अधिनियम के तहत कैबिनेट सचिवालय द्वारा 1986 में किया गया था. यह पूरी तरह से केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल के ढांचे के भीतर काम करता है. इस दल का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा का महानिदेशक करता है. एनएसजी में कुल 14,500 कर्मी हैं.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)

केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) 27 जुलाई 1939 को अस्तित्व में आया. यह भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे बड़ा है. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत काम करता है. सीआरपीएफ की प्राथमिक भूमिका पुलिस कार्रवाई में राज्य / संघ शासित प्रदेशों की सहायता, कानून-व्यवस्था और आतंकवाद विरोध में निहित है. भारतीय स्वतंत्रता के बाद यह 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बन गया. इसके 230 बटालियन है.

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)

भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस भारतीय अर्ध-सैनिक बल है. इसकी स्थापना मुख्य रूप से भारत-तिब्बत सीमा की चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से रक्षा के लिए की गई थी. ये बल इस सीमा पर काराकोरम दर्रा से लिपुलेख दर्रा और भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम तक लगभग 2115 किमी लंबाई पर फैली भारतीय सीमा की रक्षा करता है. यह गृह मंत्रालय के अधीन है. इसके सक्रिय सैनिक 89 हजार से ज्यादा हैं.

सशस्त्र सीमा बल (SSB) सशस्त्र सीमा बल पर 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है. इस सीमा से हथियारों, गोला-बारूद की तस्करी और देश विरोधी तत्वों की अवैध रूप से भारत में आवाजाही का खतरा रहता है. इससे ही यह बल देश को सुरक्षित रखता है.

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