Indian Politics: शशि थरूर ने अब ऐसा क्या कहा, केरल में फिर मच यगा बवाल, जानें
Shashi Tharoor: केरल में औद्योगिक विकास को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिंता जताई. उन्होंने MSME स्टार्ट-अप्स की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई, लेकिन कहा कि ये सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए

Kerala News: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल में औद्योगिक विकास को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने रविवार (2 मार्च) को कहा कि राज्य को ज्यादा ‘एमएसएमई स्टार्ट-अप’ की जरूरत है, लेकिन ये केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने राज्य के स्टार्ट-अप परिदृश्य पर निराशा जताते हुए कहा कि स्थिति उतनी आशाजनक नहीं है जितनी बताई जा रही है.
थरूर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक इंग्लिश दैनिक की रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा कि केरल की स्टार्ट-अप उद्यमिता की कहानी वैसी नहीं है जैसी प्रचारित की गई है. इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले नौ सालों में केरल में 42,000 से ज्यादा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) बंद हो चुके हैं जिससे 1,03,764 श्रमिकों को रोजगार गंवाना पड़ा है.
Dismayed to see that the Kerala start-up entrepreneurship story is not what’s been reported. The only silver lining is that at least the GoK’s claims point to the right intentions. We need more MSME start-ups — and not just on paper. Kerala must head this way! pic.twitter.com/tVc22YWyGl
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) March 2, 2025
एमएसएमई स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने पर जोर-शशि थरूर
थरूर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल सही इरादे काफी नहीं हैं बल्कि राज्य को जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने होंगे. उन्होंने कहा "हमें और ज्यादा एमएसएमई स्टार्ट-अप की जरूरत है, लेकिन केवल कागजों पर नहीं. केरल को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए!"
केरल सरकार का पलटवार
राज्य के उद्योग मंत्री पी राजीव ने इस रिपोर्ट को "निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को विधानसभा में इस विषय पर विस्तार से जवाब दिया गया था. उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का हवाला देते हुए कहा कि पिछले चार सालों में केरल में केवल 1,700 एमएसएमई बंद हुए हैं. राजीव ने ये भी कहा कि देश में 30% एमएसएमई पहले ही वर्ष में बंद हो जाते हैं जबकि केरल में ये आंकड़ा मात्र 15% है. उन्होंने रिपोर्ट को पूर्व निर्धारित उद्देश्य से प्रकाशित बताया और इसमें आंकड़ों के स्रोत पर भी सवाल उठाया.
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Source: IOCL






















