कश्मीरी युवा के आईएस में शामिल होने का अंदेशा, परिजन बोले- लौट आओ घर
बहन सादिका ने अपने भाई को एक संदेश में कहा, "मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती. अल्लाह के लिए वापस आ जाओ." बता दें कि एहतेशाम उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ता था.

श्रीनगर: आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में कथित रूप से शामिल होने वाले कश्मीरी युवा के परिजनों ने उससे घर लौट आने और हिंसा छोड़ने की अपील की है. बिलाल अहमद ने अपने बेटे एहतेशाम बिलाल को वीडियो संदेश के जरिए घर लौट आने की अपील की है. एहतेशाम शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक राइफल के साथ आईएस के प्रति भरोसा जताते देखा गया था.
अहमद ने कहा, "इस्लाम किसी को भी अपने माता-पिता की आज्ञा का निरादर करने की इजाजत नहीं देता है. मैं तुमसे घर लौटने का आदेश देता हूं और अपील करता हूं. सोशल मीडिया पर तुम्हें आईएस के प्रति भरोसा जताते हुए देखने से मैं काफी विचलित हो गया. तुम्हारी बीमार मां तुम्हारे बिना नहीं रह सकती."
वहीं एहतेशाम की बहन सादिका ने अपने भाई को एक संदेश में कहा, "मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती. अल्लाह के लिए वापस आ जाओ." बता दें कि एहतेशाम उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ता था.
दिल्ली जाने के नाम पर वह 28 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी से निकला था. जिसके बाद से वह लौटकर नहीं आया था. अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के साथ-साथ श्रीनगर के खानयार पुलिस स्टेशन में भी उसके लापता होने को लेकर मामला दर्ज कराया गया था.
छात्र को लेकर उमर अब्दुल्ला ने दिया गंभीर बयान
वहीं छात्र के आतंकवादी समूह में शामिल होने को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विट कर कहा, ''अगर यह सच्चाई है तो यह सोचने वाली बात है. कभी-कभी छोटे दिखने वाले काम भी गंभीर साबित होते हैं."
बता दें कि शारदा यूनिवर्सिटी के छात्र एहतेशाम पर चार अक्टूबर को परिसर में भारतीय और अफगानी छात्रों के बीच झगड़ा होने के बाद उस पर हमला बोल दिया गया था. जिसके बाद से वह वहां से भाग गया था.
एक अन्य ट्वीट में अब्दुल्ला ने कहा, "शारदा यूनिवर्सिटी में उसके साथ क्या हुआ, जिससे वह बर्बादी का रास्ता चुनने को मजबूर हुआ. यह और भी दुखद है. एक और जिंदगी बर्बादी के रास्ते पर चली गई."
बता दें कि इससे पहले भी कश्मीर के कई छात्र आतंकी समूह में शामिल हो चुके हैं. छात्र आतंकी समूह में शामिल न हो इसके लिए सरकार अक्सर अपील करती है कि परिवार के लोग अपने बच्चों पर ध्यान दें.
Source: IOCL

























