क्या मुम्बई में भी रची जा रही है हिंसा की साजिश ? मुबंई में 9 मार्च तक जमावबंदी के आदेश
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के अंतर्गत मुंबई शहर में 9 मार्च तक जमाव बंदी के आदेश जारी किए गए हैं.

नई दिल्ली: दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के मुद्दे को लेकर हुई हिंसा के बाद देशभर के मुख्य शहरों में अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली की तरह मुंबई में हिंसक घटना ना हो इसलिए मुंबई को भी हाई अलर्ट किया घोषित किया गया है. महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के अंतर्गत मुंबई शहर में 9 मार्च तक जमाव बंदी के आदेश जारी किए गए हैं. इस आदेश के मुताबिक 5 या 5 से अधिक व्यक्ति के एक जगह पर जमा होने, किसी भी प्रकार का मोर्चा निकालने या रैली निकालने, लोगों को जमा कर साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करने, सार्वजनिक जगह पर म्यूजिकल बैंड, पटाखे फोड़ना इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
वैवाहिक कार्यक्रम या वैवाहिक कार्यक्रम से संबंधित हल्दी - संगीत जैसे कार्यक्रम, किसी के अंतिम संस्कार, कंपनियों और सहकारी संस्थाओं की बैठक या किसी क्लब के अंदर होने वाली बैठक, किसी सरकारी संस्था के नियमित कामकाज या सरकारी संस्था के नियमित कामकाज का हिस्सा होने के चलते होने वाली जमाव पर किसी प्रकार की रोक नहीं है. इसी प्रकार से सिनेमा थिएटर ना चौधरी सार्वजनिक मनोरंजन की जगह न्यायालय सरकारी कामकाज के दफ्तर स्कूल कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्था कंपनी कारखाने दुकाने या नियमित व्यापार की जगह की वजह से होने वाली जमाव को इस प्रतिबंध से अलग रखा गया है. अगर किसी विशेष कारण को देखते हुए पुलिस द्वारा किसी मोर्चे की इजाजत दी गई है तो वह मोर्चा शांतिपूर्वक निकाला जाए ऐसी स्थिति में इसे जमाबंदी से अलग रखा गया है.
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर समय-समय पर प्रदर्शनकारी बिना पुलिस इजाजत मुंबई के संवेदनशील जगहों पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर रहे हैं. जिसको लेकर मुंबई पुलिस ने कई बार कार्यवाई भी की है. मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई हिंसा के बाद कई प्रदर्शनकारी CAA, NRC के विरोध के नाम पर मुंबई में अशांति फैलाना चाहते हैं लेकिन मुंबई पुलिस ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को पहचान कर उन पर नकेल कस रखी है.
Source: IOCL


























