Indian Army Operation: जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में कितने दिन चला ऑपरेशन, कितने आतंकी मारे गए, अब कितने एक्टिव, जानें सब
Indian Army Operation: किश्तवाड़ में 326 दिन तक चले ऑपरेशन के बाद 7 कुख्यात आतंकी ढेर किए जा चुके हैं. इसके लिए सुरक्षबलों ने आधुनिक तकनीक की मदद से बड़ी सफलता पाई है.

जम्मू के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने सक्रिय सभी सात आतंकियों को मार गिराया है. यह सफलता 326 दिनों तक चले ऑपरेशन त्राशी और ऑपरेशन त्राशी-I के तहत हासिल की गई. सेना के अनुसार, किश्तवाड़ क्षेत्र में 326 दिनों तक लगातार चले इस अभियान के दौरान सक्रिय सभी सात आतंकियों को ढेर किया गया. सुरक्षा बलों ने जिले के ऊंचाई वाले (हाई-एल्टीट्यूड) इलाकों में संयुक्त अभियान चलाया. अत्यधिक ठंड, भारी बारिश और बर्फबारी जैसे कठिन हालातों के बावजूद आतंकियों को लगातार ट्रैक किया गया और कई बार मुठभेड़ हुई.
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इलाके में सक्रिय एक बड़े आतंकी समूह का लंबे समय से पीछा किया जा रहा था. पिछले वर्ष अप्रैल और मई में यह अभियान शुरू किया गया था और सर्दियों में खराब मौसम के बावजूद इसे जारी रखा गया. इस आतंकी समूह से सफल संपर्क के बाद अप्रैल 2025 में तीन हार्डकोर आतंकियों को मार गिराया गया. हालांकि समूह का सबसे नया आतंकी, जिसका कोडनेम सैफुल्लाह था, उसका करीबी साथी आदिल और दो अन्य आतंकी उस समय भागने में सफल हो गए थे.
क्या था ऑपरेशन का कोड नेम?
जम्मू पुलिस, सेना, खुफिया एजेंसियों और विभिन्न सूत्रों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर 14 जनवरी 2026 को छात्रु इलाके में एक संयुक्त काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसका कोडनेम ऑपरेशन त्राशी-I रखा गया. इस अभियान का उद्देश्य काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा की टुकड़ियों, जिनमें असम राइफल्स भी शामिल थीं, के साथ मिलकर Jammu and Kashmir Police और Central Reserve Police Force द्वारा सक्रिय आतंकियों को ट्रैक कर उन्हें निष्क्रिय करना था.
आतंकियों के ठिकानों के बारे में कब पता चला?
18 जनवरी 2026 को आतंकियों के ठिकानों के बारे में पता चला. लगातार पीछा किए जाने के कारण 4 फरवरी 2026 को ऑपरेशन त्राशी-I के तहत आदिल नामक एक आतंकी मारा गया. इसी दिन एक अलग अभियान में दो अन्य आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया. 4 फरवरी 2026 के बाद सुरक्षा बलों ने शेष आतंकियों को समाप्त करने के लिए पूरी दृढ़ता और साहस के साथ अभियान जारी रखा. 22 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 11 बजे आतंकियों से फिर मुठभेड़ हुई. बेहतरीन रणनीतिक सटीकता, विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और उच्च स्तरीय ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करते हुए Indian Army, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ इलाके तथा खराब मौसम में भी आतंकियों का लगातार पीछा किया. एक महीने से अधिक समय तक चले इस बड़े अभियान में सुरक्षा बलों ने सभी चार हार्डकोर आतंकियों को मार गिराया.
आर्मी ट्रेंड डॉग ‘टायसन’ की भूमिका
सेना के आखिरी मुठभेड़ वाली जहग पर तीन आतंकियों को सफलतापूर्वक ढेर किया गया. इससे पहले आतंकियों को 21-22 फरवरी 2026 की रात को पूरी तरह घेर लिया गया था. सैनिकों ने बेहद सही रणनीति और तेजी का परिचय दिया, जिससे किसी भी सुरक्षाकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा. इस अभियान में आर्मी ट्रेंड डॉग ‘टायसन’ की भूमिका विशेष रूप से काफी महत्वपूर्ण रही. टायसन आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आगे बढ़ा, जिस पर आतंकियों ने फायरिंग की और वह घायल हो गया.इलाके की तलाशी के दौरान मारे गए आतंकियों के शवों के साथ तीन एके-47 राइफलें समेत कई दूसरी तरह के हथियार बरामद हुए है.
Source: IOCL

























