IAF चीफ AP सिंह पहुंचे नॉर्दर्न कमांड! जानें किस बात की तैयारी कर रहा भारत?
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नॉर्दर्न कमांड का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया. लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने उन्हें सुरक्षा स्थिति और इंटर-सर्विस तालमेल की जानकारी दी.

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नॉर्दर्न कमांड का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी ली. दौरे का मुख्य फोकस अलग-अलग सेनाओं के बीच तालमेल और किसी भी स्थिति में संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता पर रहा.
नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने वायुसेना प्रमुख को मौजूदा ऑपरेशनल स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स के लिए की जा रही तैयारियों और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी बताया. मल्टी-डोमेन ऑपरेशन का मतलब जमीन, हवा, समुद्र, साइबर और दूसरे क्षेत्रों में उपलब्ध सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करके अभियान चलाना है.
वेस्टर्न एयर कमांड और नॉर्दर्न कमांड के तालमेल की तारीफ
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने दोनों कमांड के बीच बने तालमेल और मिलकर काम करने की व्यवस्था की सराहना की. उन्होंने कहा कि रणनीतिक स्तर से लेकर जमीन पर ऑपरेशन के स्तर तक दोनों कमांड के बीच बेहतर समन्वय भविष्य के अभियानों के लिए एक अच्छा उदाहरण है. वायुसेना प्रमुख ने सेना की ऑपरेशनल क्षमता पर भरोसा जताया और सभी रैंक के सैन्यकर्मियों की राष्ट्रीय हितों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की.
संयुक्त कार्रवाई पर जोर
दौरे के दौरान इंटर-सर्विस कोऑर्डिनेशन यानी अलग-अलग सैन्य बलों के बीच तालमेल पर विशेष जोर दिया गया. आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के बीच किसी भी ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए सेना, वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है. वायुसेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय सैन्य बल अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं और संयुक्त कार्रवाई की तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहे हैं. नॉर्दर्न कमांड देश की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र में तैनात है और यहां होने वाली सैन्य गतिविधियों का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है.




















