एक्सप्लोरर

'अस्थायी सीटें बढ़ाने से कुछ नहीं होगा...', UN में भारत की दोटूक, पाकिस्तान को भी लताड़ा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार पर भारत ने स्पष्ट कहा कि केवल अस्थायी सीटें बढ़ाने से बदलाव नहीं आएगा. नई स्थायी सदस्यता जोड़कर ही वैश्विक प्रतिनिधित्व और संतुलन सुनिश्चित किया जा सकता है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार को लेकर जारी वैश्विक चर्चा के बीच भारत ने केवल अस्थायी सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को 'विफलता की कगार पर पहुंचा हुआ' बताते हुए खारिज कर दिया है. भारत का कहना है कि विश्व संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था में सार्थक और व्यापक सुधार की आवश्यकता है, न कि केवल सीमित बदलावों की.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सोमवार (15 जून) को कहा कि स्थायी सदस्यता का विस्तार किए बिना सुधार करने से 'पी5' यानी पांच स्थायी सदस्यों- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका की निर्णय लेने की संरचना में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आएगा.

पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) की बैठक में कहा, 'समूहों और सदस्य देशों ने वास्तविक और सार्थक बदलाव के लिए लंबे समय तक इंतजार किया है. यदि सुधार केवल अस्थायी सदस्यता तक सीमित रहा, तो यूएनएससी सुधार विफलता की कगार पर पहुंच जाएगा.'  इटली के नेतृत्व वाला यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस (यूएफसी) समूह, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है, नए स्थायी सदस्यों को जोड़ने का विरोध करता रहा है. भारत का आरोप है कि यह समूह सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में प्रक्रियागत उपायों का इस्तेमाल कर बाधा उत्पन्न करता है.

यह भी पढ़ें : Punjab Chunav से पहले कांग्रेस ले सकती है बड़ा फैसला, सांसद, विधायक दिल्ली तलब, राहुल गांधी को जाएगी रिपोर्ट

यूएफसी, जिसे अनौपचारिक रूप से ‘कॉफी क्लब’ कहा जाता है, 1990 के दशक से सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों के विस्तार का विरोध करता रहा है. इसकी रणनीति ऐसे वार्ता-पाठ को अपनाने से रोकने की रही है, जो सुधारों पर ठोस बातचीत को आगे बढ़ा सके. समूह का मानना है कि वार्ता-पाठ तैयार होने से पहले आम सहमति बननी चाहिए.

वार्ता में गतिरोध
भारतीय प्रतिनिधि हरीश ने कहा कि 'जब तक हर मुद्दे पर सहमति न बन जाए, तब तक किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं मानी जाएगी' जैसी सोच प्रगति में बाधा नहीं बननी चाहिए. यूएफसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यथास्थितिवादी पक्षों ने इस तर्क का उपयोग अपने हित में कर सुरक्षा परिषद की मौजूदा असमानताओं को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि आईजीएन में भी अन्य यूएन प्रक्रियाओं की तरह टेक्स्ट-आधारित वार्ता होनी चाहिए और सह-अध्यक्षों को स्पष्ट माइलस्टोन व समयसीमा के साथ एक वार्ता-पाठ तैयार करने की पहल करनी चाहिए.

UNSC सुधारों की मांग
पी. हरीश ने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद में अधिक संतुलन और समानता लाने तथा पी5 के प्रभुत्व को संतुलित करने के लिए स्थायी सदस्यता के विस्तार का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिषद अब भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की परिस्थितियों को दर्शाती है. उनके अनुसार, महासभा लोकतांत्रिक सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि सुरक्षा परिषद में राज्यों की संप्रभु समानता का सिद्धांत पूरी तरह लागू नहीं होता.

एलिमेंट्स पेपर पर आपत्ति
आईजीएन के सह-अध्यक्षों के 'एलिमेंट्स पेपर' की आलोचना करते हुए हरीश ने कहा कि स्थायी सदस्यता पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण की मांग सुधार प्रक्रिया को लंबा खींच सकती है. पी. हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 23 स्पष्ट रूप से सुरक्षा परिषद के सदस्यों को स्थायी और अस्थायी श्रेणियों में विभाजित करता है, इसलिए स्थायी सीट की परिभाषा को और स्पष्ट करने की आवश्यकता नहीं है.

यह भी पढ़ें : कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके को पड़ा थप्पड़ तो बोले- 'वो RSS के...'

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान को शादी पर शशि थरूर ने यूं दी बधाई, कहा- 'शानदार खबर'
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान को शादी पर शशि थरूर ने यूं दी बधाई, कहा- 'शानदार खबर'
'कांग्रेस शासन में 10 बार हुए SIR', संबित पात्रा बोले- 13 करोड़ वोट कटते तो लोग सड़कों पर होते
'कांग्रेस शासन में 10 बार हुए SIR', संबित पात्रा बोले- 13 करोड़ वोट कटते तो लोग सड़कों पर होते
JKNC-JUIAK के बीच नगर निकाय चुनावों के लिए कारगिल में गठबंधन, कांग्रेस से रिश्ता खत्म
JKNC-JUIAK के बीच नगर निकाय चुनावों के लिए कारगिल में गठबंधन, कांग्रेस से रिश्ता खत्म
नागपुर में ED की बड़ी कार्रवाई, बिल्डर के ठिकानों से 1.95 करोड़ रुपये कैश जब्त
नागपुर में ED की बड़ी कार्रवाई, बिल्डर के ठिकानों से 1.95 करोड़ रुपये कैश जब्त

वीडियोज

Sansani: लव मैरिज की दगाबाज भाभी !
विपक्ष का 'जज्बा' जरा सी बारिश में धुल गया!
शाह के मंत्र से 27 में सत्ताधीश बनेंगे योगी?
यूपी की सत्ता के लिए हिंदू-मुसलमान करना जरूरी है?
Uttarakhand हेलिकॉप्टर क्रैश में सभी की मौत!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
JKNC-JUIAK के बीच नगर निकाय चुनावों के लिए कारगिल में गठबंधन, कांग्रेस से रिश्ता खत्म
JKNC-JUIAK के बीच नगर निकाय चुनावों के लिए कारगिल में गठबंधन, कांग्रेस से रिश्ता खत्म
नीतीश को CM पद से हटाना NDA को पड़ा भारी? आनंद मोहन ने संजय झा के खिलाफ खोला मोर्चा
नीतीश को CM पद से हटाना NDA को पड़ा भारी? आनंद मोहन ने संजय झा के खिलाफ खोला मोर्चा
पहले भारत में किया कमाल, अब वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश में जीता टेस्ट; 8 विकेट से मारी बाजी
पहले भारत में किया कमाल, अब वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश में जीता टेस्ट; 8 विकेट से मारी बाजी
'वो बीमार नहीं थे...', संजय गुप्ता के निधन पर कंगना रनौत की इमोशनल पोस्ट
'वो बीमार नहीं थे...', संजय गुप्ता के निधन पर कंगना रनौत की इमोशनल पोस्ट
'कांग्रेस शासन में 10 बार हुए SIR', संबित पात्रा बोले- 13 करोड़ वोट कटते तो लोग सड़कों पर होते
'कांग्रेस शासन में 10 बार हुए SIR', संबित पात्रा बोले- 13 करोड़ वोट कटते तो लोग सड़कों पर होते
'दुकानदार जी, नुकसान आपका, रैली हमारी', महारैली पर BJP ने कांग्रेस पर कसा तंज
'दुकानदार जी, नुकसान आपका, रैली हमारी', महारैली पर BJP ने कांग्रेस पर कसा तंज
CEC के खिलाफ जन-महाभियोग पर थरूर बोले- कोई विकल्प नहीं था, BJP ने दिया ये जवाब
CEC के खिलाफ जन-महाभियोग पर थरूर बोले- कोई विकल्प नहीं था, BJP ने दिया ये जवाब
CLAT 2027 Admission: लॉ की तैयारी वालों के लिए आज आखिरी मौका, CLAT 2027 के लिए ऐसे करें अप्लाई
लॉ की तैयारी वालों के लिए आज आखिरी मौका, CLAT 2027 के लिए ऐसे करें अप्लाई
Embed widget