भारत-पाक के DGMO ने हॉटलाइन पर की बात, सीजफायर लागू करने पर जताई सहमति
भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी किए गए बयान के मुताबिक, दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए तैयार हो गए हैं.

नई दिल्ली: सीमा पर तनाव कम करने के लिए भारत और पाकिस्तान ने आज एक बड़ी पहल की है. आज दोनों देशों के डीजीएमओ ने हॉट-लाइन पर बात कर युद्धविराम संधि को मजबूती से लागू करने पर सहमति जताई है. साथ ही एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन न करने का भी भरोसा जताया है.
भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी किए गए बयान के मुताबिक, दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए तैयार हो गए हैं. भारतीय सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तान डीजीएमओ (डॉयरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) की पहल पर आज शाम छह बजे भारतीय सेना के डीजीएमओ ने हॉटलाइन पर बात की. दोनों देश इस बात के लिए राजी हो गए हैं कि साल 2003 की युद्धविराम संधि पर मजबूती से अमल किया जाए.
इसके लिए दोनों देश सीजफायर का उल्लंघन नहीं करेंगे. अगर सीमा पर फायरिंग या फिर कोई विवाद होता है तो उसे दोनों देश स्थानीय कमांडर्स के बीच फ्लैंग-मीटिंग या फिर हॉटलाइन के जरिए निपटाएंगे. भारत के डीजीएमओ, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के समक्ष, मेजर जनरल शमशाद मिर्जा की बातचीत होने के तुरंत बाद दोनों देशों की मीडिया विंग ने अपना-अपना प्रेस रिलीज जारी किया. खास बात ये है कि दोनों देशों की सेनाओं की भाषा भी लगभग एक जैसी थी.
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर (जिसे पाकिस्तान 'वर्किंग बाउंड्री' मानता है) दोनों देशों की तरफ से जमकर फायरिंग हो रही है. इस गोलाबारी में दोनों देशों के नागरिकों और सैनिकों की जान जा रही है. सीमा पर रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनुश्चित करने के इरादे से ही आज दोनों देशों के डीजीएमओ ने फोन पर आपात बातचीत की.
Source: IOCL

























