कोरोना वैक्सीनेशन की भारत में तेज रफ्तार, सिर्फ 24 दिन में 63 लाख को लगी वैक्सीन, दुनिया के मुकाबले बेहतर हालात
वैक्सीन के बाद रैपिड असेसमेंट सिस्टम के जरिये 7लाख 75 हज़ार लोगो से उनकी राय पूछी गई. फीडबैक प्रक्रिया में पाया गया कि 97.35% लाभार्थी वैक्सीन की प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं.

भारत मे अब तक 63 लाख से ज्यादा को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है. ऐसा करने में भारत को बाकी देशों के तुलना में काफी कम वक्त लगा है. वहीं दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले हालात काफी बेहतर है.
भारत में 60 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है. महज 24 दिनों देश भर में 6 मिलियन लाभार्थियों का टीकाकरण हो चुका है और इतनी तेजी से टीकाकरण करने वाला भारत पहला देश है. ऐसा करने में अमेरिका को 26 दिन लगे जबकि ब्रिटेन को 46 दिन.
12 ऐसे राज्य है जहां 65 फीसदी से ज्यादा हैल्थ केयर वर्करों को टीका लग चुका है. ये राज्य है बिहार, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओड़िशा, मिज़ोरम, उत्तर प्रदेश, अंडमान निकोबार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और केरल. बिहार में 78.1%, त्रिपुरा में 77.1%, मध्यप्रदेश में 76%, उत्तराखंड में 73.7%, ओड़िशा में 72.4%, मिज़ोरम में 69.9%, हिमाचल प्रदेश में 68.7%, उत्तर प्रदेश में 68.2%, अंडमान निकोबार में 67.9%, राजस्थान में 67.3% और केरल में 66.9% और लक्ष्वदीप में 66.7% हैल्थ केयर वर्कर को टीका लग चुका है.
वहीं राज्य सरकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि cowin के जरिये ऐप हेल्थकेयर वर्कर को वैक्सीन के लिए बुलाया जाए. 20 फरवरी तक हेल्थकेयर वर्कर को दे दिया जाए पहला डोज़. जो रह गए है उनको मोप अप राउंड 24 फरवरी तक दे दिया जाए. इसी तरह 1 मार्च तक फ्रंट लाइन वर्कर को दे दिया जाए और जो रह जाएंगे. उन्हें 6 मार्च को मोप अप राउंड तक दे दिया जाए. इन हैल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर को इस तारीख तक वैक्सीन की पहली डोज़ मिल जाए.
वहीं कोरोना वैक्सीन के बाद सामने एडवर्स इफ़ेक्ट पर 5 फरवरी को नेशनल एडवर्स इफ़ेक्ट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन की बैठक हुई. इसमें 8 केस पर चर्चा हुई, जिसमें तीन अस्पताल में भर्ती होने और 5 वैक्सीन लगने के बाद मौत के मामले थे. इसमे दो मौत के मामलों पर ये पाया गया की इनकी मृत्यु वैक्सीन की वजह से नहीं हुई है. वहीं तीन पर राज्य सरकारों से और डिटेल मांगी गई है.
वहीं वैक्सीन के बाद रैपिड असेसमेंट सिस्टम के जरिये 7लाख 75 हज़ार लोगो से उनकी राय पूछी गई. फीडबैक प्रक्रिया में पाया गया कि 97.35% लाभार्थी वैक्सीन की प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ो के मुताबिक भारत मे 1.08 करोड़ लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ और अभी 1.43 लाख एक्टिव केस है. भारत मे प्रति दस लाख आबादी में 7860 लोगो को संक्रमण हुआ जबकि 112 लोगो की प्रति दस लाख आबादी में कोरोना से मौत हुई. वहीं कोरोना की जांच के लिए 20.2 करोड़ सैंपल टेस्ट किए जा चुके है.
वहीं भारत में 143625 एक्टिव केस हैं, जिसमें से सबसे ज्यादा एक्टिव केस दो राज्यों में है. ये दो राज्य हैं- केरल और महाराष्ट्र. कुल एक्टिव केस का 71फीसदी एक्टिव केस इन दोनों राज्यों में है, जहां केरल में 45.72 फीसदी और महाराष्ट्र में 25.06 फीसदी केस है. इसके अलावा मृत्यु दर में गिरावट दर्ज की जा रही है.
--- 33 राज्य ऐसे है जहां 5000 से कम मामले एक्टिव है.
--- 15 राज्यो में पिछले 24 घंटे में कोई मोत नही हुई है. जबकि 7 राज्य ऐसे है जहां पिछले 3 हफ्ते में कोई मोत नही हुई है.
--- पिछले 5 हफ़्तों में कोविड से होने वाली मोत में 55% की कमी दर्ज हो गई है.
--- न्यू केस पर मिलियन भारत में 58 है.
- भारत में 60 लाख, हमने 24 दिन में किये जबकि अमेरिका ने 26 दिन में किया था.
-- बिहार 78%, त्रिपुरा 77, एमपी 76% लोगो को तय लक्ष्य में से वैक्सीन दे चुका है.
सभी हेल्थ केअर वर्कर छूट गए है ओर जिनहे नही दिया गया उन्हें 24 फरवरी तक दे दी जाए.
-- सभी frontline वर्कर को 6 मार्च तक वैक्सीन देने के लिए कहा गया है.
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Source: IOCL






















