एक्सप्लोरर

चुनाव रिजल्ट 2026

(Source: ECI/ABP News)

समुद्र में टूटकर गिरा 5800 वर्ग KM का हिमखण्ड, भारत के पूर्वी तटों पर हो सकता है खतरा

हाल ही में अंटार्कटिका पैनेन्सुला से 5800 वर्ग किलोमीटर का हिमखण्ड टूट कर समुद्र में गिर गया है. इसका आकार दिल्ली के आकार से चार गुना बड़ा है. इस टूटे हिमखंड से भारत के पूर्वी तटों पर खतरा पैदा हो सकता है.

नई दिल्ली: हाल ही में अंटार्कटिका पैनेन्सुला से 5800 वर्ग किलोमीटर का हिमखण्ड टूट कर समुद्र में गिर गया है. इसका आकार दिल्ली के आकार से चार गुना बड़ा है. इस टूटे हिमखंड से भारत के पूर्वी तटों पर खतरा पैदा हो सकता है.

जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय में ग्लेशीयोलॉजी और पर्यावरण भू विज्ञान के प्रोफेसर ए.एल.रामनाथन अपनी टीम के साथ अंटार्कटिका के पर्यावरण पर शोध कर रहे हैं. प्रो. रामनाथन के मुताबिक, ‘’टूटे हुए हिमखण्ड के बारे में कोई स्पष्ट भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. इसके खराब नतीजे साल भर में भी आ सकते है और बाद में भी.’’

अंटार्कटिका में पर्यावरण पर शोध के लिए मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज और दिल्ली के  जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का पर्यावरण संस्थान हर साल अपनी शोध टीम अंटार्कटिका भेजता है. इसी टीम का हिस्सा रह चुके और अंटार्कटिका से लौट कर आए नवीन कुमार और थुप्स्थन ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि इतने बड़े हिमखंड के टूटने को वैज्ञानिक किस तरीके से देख रहे हैं.

टूटा हुआ हुआ हिमखण्ड कहां स्थित था ?

अंटार्कटिका जिस समुद्र से घिरा है उसे साउदर्न ओशन कहते हैं. अंटार्कटिका पैनेन्सुला के जिस इलाके सॆ हिमखण्ड अलग हुआ है उस इलाके को लार्सन ‘सी’  कहते हैं. जो हिस्सा अलग हुआ है वो लार्सन ‘सी’ का एक आइस शेल्फ़ था. (बर्फ के जिस हिस्से के नीचे समुद्र का पानी होता है उसे आइस सेल्फ़ कहते हैं. और जिस हिस्से के नीचे ज़मीन होती है उसे आईस शीट कहते हैं.) अब यह टूटा हुआ हिस्सा एक स्वतंत्र आइसबर्ग के रूप में मौजूद है.

क्यों टूटा हिमखंड ?

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से साउदर्न ओशन का तापमान बढ़ रहा है, जिसकी वजह से लार्सन ‘सी’  के आइस शेल्फ़ के नीचे का पानी अपेक्षाकृत गर्म हो रहा था. इसकी वजह से वहां की बर्फ में लगातार कटाव हो रहा था. पैरेंट बॉडी के साथ इस आइस शेल्फ़ के भार का तालमेल बिगड़ने के कारण ये आइस सेल्फ़ टूट गया.

क्या होगा इसका प्रभाव ?

हिमखंड पहले पानी के ऊपर था इसलिए अपेक्षाकृत गर्म होते पानी के नाममात्र सम्पर्क में था. लेकिन अब जबकि वो टूट कर पानी में आ गिरा है उसका पिघलना अपेक्षाकृत तेज होगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाली मौसम सम्बन्धी परिस्थियों में ये हिमखंड तेजी से भी पिघल सकता है और बहुत धीरे-धीरे भी.

ऐसा भी हो सकता है कि साल भर में ही इसका प्रभाव दिखाई देने लगे और ये भी हो सकता है कि इसका कुछ हिस्सा तेजी से पिघले और बाकी के पिघलने में दशकों का समय लग जाए. अगर ये जल्द पिघलता है तो भारी तादात में इसका शुद्ध जल खारे पानी वाले साउदर्न ओशन का ईको सिस्टम बिगाड़ देगा, जिससे कई चीजों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा-

समुद्र का जल स्तर बढेगा. ऐसे में अन्य समुद्र तटीय देशों की तरह भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर समुद्र का जल स्तर भी बढेगा. भारत के गुजरात, महाराष्ट्र और केरल जैसे पश्चिमी तट वाले इलाके समुद्र तट से ऊंचे हैं इसलिए इधर कम खतरा है. लेकिन ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे के पूर्वी तट वाले समुद्र से लगे इलाकों में भारी तबाही हो सकती है. बाढ़ और कटाव के कारण इन इलाकों में ज़मीन का काफी हिस्सा समुद्र के हिस्से जा सकता है. लेकिन सबसे ज्यादा खतरा लक्ष्यद्वीप में हो सकता है.

ऐसा ही खतरा बंगलादेश को भी है. उधर जापान और मलेशिया जैसे देशों को भी खतरा होगा. हिमखंड के पिघलने से अंटार्कटिका में समुद्र जल के पैरामीटर्स बदल जाएंगे. यानी समुद्री जल के मूलभूत गुणों में परिवर्तन आ जाएगा.

  • खारेपन का स्तर बदलेगा
  • तापमान बदलेगा
  • ऑक्सीजन स्तर बदल जाएगा
  • मिनरल और न्यूट्रिएन्टस् का स्तर बदल जाएगा
  • मिनरल न्यूत्रियन्त को सर्कुलेट करता है. थर्मल हलाइन सरकुलेशन टूट सकता है

ईकोलॉजिकल स्टेबिलिटी बिगड़ जाने से वहां की जैविक प्रजातियों के जीवन पर संकट आ जाएगा. वहां क्रील, पेंगुइन और वेह्ल जैसे जीवों के लिए ये परिवर्तन नुकसानदायक होगा. इससे कन्वेयर बेल्ट सिस्टम को खतरा हो सकता है.

क्या है कन्वेयर बेल्ट सिस्टम ?

समुद्र में ठंडे पानी और गर्म पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने और ले आने की एक प्राक्रतिक प्रक्रिया होती है, जिसे कन्वेयर बेल्ट सिस्टम कहा जाता है. ये कन्वेयर बेल्ट ही समुद्र की पारिस्थिकी (इकोलोजी) को संतुलित रखने में मुख्य भूमिका निभाती है. समुद्र में मिनरल और न्युटिएन्ट्स के वितरण से लेकर समुद्र के तापमान और घनत्व तक इसी कन्वेयर बेल्ट पर निर्भर करता है. ये कन्वेयर बेल्ट  दरअसल एक वाटर सरकुलेशन पैटर्न है जिसे ओशनिक करेंट के रूप में देखा और समझा जाता है.

दुनिया को सबसे बड़ा खतरा इसी प्राकृतिक कन्वेयर बेल्ट सिस्टम के टूट जाने से होगा. इस खतरे का अंदाजा लगा सकना वैज्ञानिकों के लिए भी असम्भव है. सामान्य खतरे से लेकर प्रलय तक के खतरे इस पारिस्थिकी के टूटने में देखे जाते हैं.

हिमखंड के टूटकर अलग होने की जानकारी नासा के एक्वा मोडिस सैटेलाइट से ज्ञात हुआ है. माना जा रहा है कि हिमखंड के टूटने की प्रक्रिया एक साल पहले शुरू हो गई थी. 25 से 31 मई के बीच ही इसमें 17 किमी लंबी दरार आ गई थी. 24 और 27 जून के बीच बर्फ तेजी से अलग होने लगी थी और इसकी दरार रोजाना 10 मीटर बढ़ रही थी.

5,800 वर्ग किलोमीटर के आकार का ये आइसबर्ग अब तक टूटकर अलग हुए सभी हिमखंडों में सबसे बड़ा है. इससे पहले सबसे बड़ा टूटने वाला हिमखंड बी15 था. 4200 वर्ग किलोमीटर आकार का बी15 साल 2000 में रॉस आइस शेल्फ से अलग हो गया था.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

सबरीमाला मामले के याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट का कड़ा सवाल- जब भगवान अयप्पा में आस्था नहीं, तब मंदिर के नियमों से आपका क्या सरोकार?
सबरीमाला मामले के याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट का कड़ा सवाल- जब भगवान अयप्पा में आस्था नहीं, तब मंदिर के नियमों से आपका क्या सरोकार?
अमित शाह संभालेंगे बंगाल की जिम्मेदारी, असम के पर्यवेक्षक बने जेपी नड्डा, दोनों राज्यों में सरकार बनाने का रास्ता साफ
शाह संभालेंगे बंगाल की जिम्मेदारी, असम के पर्यवेक्षक बने नड्डा, दोनों राज्यों में सरकार बनाने का रास्ता साफ
Assam Election Results 2026: असम में कैसे सिमट गया छोटी पार्टियों का जनाधार, अब सिर्फ 'बड़े चेहरे' बनाएंगे सरकार
असम में कैसे सिमट गया छोटी पार्टियों का जनाधार, डेटा से समझें
Kerala Assembly Election: केरल में LDF को करारा झटका, 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे; देखें किसे कहां मिली मात?
केरल में LDF को करारा झटका, 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे; देखें किसे कहां मिली मात?

वीडियोज

West Bengal New CM Update: बंगाल का अगला सीएम कौन?! | Suvendu Adhikari
क्या यूपी-पंजाब में भी BJP करेगी ‘खेल’?
क्या यूपी-पंजाब में भी BJP करेगी ‘खेल’? | UP Election 2027
West Bengal Election Results: BJP का 'नया बंगाल'ऐसा होगा? | TMC VS BJP | Mamata Banerjee
West Bengal New CM Update: बंगाल का अगला सीएम कौन?! | Suvendu Adhikari | BJP

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारतीयों पर हमले के बाद गुस्से में पीएम मोदी, होर्मुज पर दे डाला अल्टीमेटम, कहा- 'अटैक मंजूर नहीं...'
भारतीयों पर हमले के बाद गुस्से में पीएम मोदी, होर्मुज पर दे डाला अल्टीमेटम, कहा- 'अटैक मंजूर नहीं...'
'आज ममता-स्टालिन हारे, कल अखिलेश यादव...', नतीजों के बाद INDIA अलायंस से निराश दिखीं प्रियंका चतुर्वेदी
'आज ममता-स्टालिन हारे, कल अखिलेश यादव...', नतीजों के बाद INDIA अलायंस से निराश दिखीं प्रियंका चतुर्वेदी
'धरती के नक्शे से नामोनिशान मिटा दूंगा', होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, 7वें आसमान पर पहुंचा गुस्सा
'धरती के नक्शे से नामोनिशान मिटा दूंगा', होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, 7वें आसमान पर पहुंचा गुस्सा
Box office: अब ‘जन नायकन’ से इतिहास रच सकते हैं थलपति विजय, वर्ल्डवाइड 100 करोड़ की ओपनिंग कर सकती है फिल्म
अब ‘जन नायकन’ से इतिहास रच सकते हैं थलपति विजय, वर्ल्डवाइड इतने करोड़ से कर सकती है ओपनिंग
कौन हैं सुधा रेड्डी? 18000 करोड़ की मालकिन हैं, हैदराबाद की बिजनेस वुमने का मेट गाला लुक चर्चा में
कौन हैं सुधा रेड्डी? 18000 करोड़ की मालकिन हैं, हैदराबाद की बिजनेस वुमने का मेट गाला लुक चर्चा में
संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त का शॉकिंग ट्रांसफॉर्मेशन, 5 हफ्ते में ही इतना बदल गया चेहरा
संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त का शॉकिंग ट्रांसफॉर्मेशन, 5 हफ्ते में ही इतना बदल गया चेहरा
UPSC Recruitment: UPSC ने निकाली इन पदों पर भर्ती, लाखों में मिलेगी सैलरी; पढ़ें डिटेल्स
UPSC ने निकाली इन पदों पर भर्ती, लाखों में मिलेगी सैलरी; पढ़ें डिटेल्स
Kerala Elections: केरल में क्षेत्रीय दलों का दबदबा, केरल कांग्रेस के गुटों ने फिर गाड़े जीत के झंडे
Kerala Elections: केरल में क्षेत्रीय दलों का दबदबा, केरल कांग्रेस के गुटों ने फिर गाड़े जीत के झंडे
Embed widget