Hyderabad Drunk Driving: नशे में धुत युवक ने बेंज कार से ट्रैफिक कॉन्स्टेबल को मारी टक्कर, बोनेट पर लेकर भागा
Hyderabad Drunk Driving: हैदराबाद के गच्चीबोवली में शराब के नशे में युवक ने बेंज़ कार से ट्रैफिक कॉन्स्टेबल को टक्कर मार दी. इस मामले में आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

हैदराबाद के गच्चीबोवली इलाके में शनिवार (28 फरवरी 2026) की रात एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया. 24 साल के युवक जी. तरुण ने शराब के नशे में हंगामा कर दिया. सबसे पहले उसने नानकरामगुडा में अपनी लग्जरी बेंज़ कार से एक गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी. इसके बाद वह बिना रुके गच्चीबोवली की तरफ भागने लगा. रास्ते में ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कॉन्स्टेबल नरसिम्हुलु ने उसे रोकने की कोशिश की.
बताया जा रहा है कि कार नहीं रुकने पर कॉन्स्टेबल बोनट पर चढ़ गए, लेकिन नशे में चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और कुछ दूरी तक उन्हें बोनट पर ही लेकर चलता रहा. मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में कॉन्स्टेबल कार के बोनट से चिपके नजर आ रहे हैं. आसपास मौजूद लोग यह दृश्य देखकर डर गए थे.
918 शराबी ड्राइवर पकड़े गए
हाल ही में हैदराबाद और साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने एक ही वीकेंड में 918 शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ा था. इनमें से तीन लोगों को जेल भी भेजा गया. भारतीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक होने पर यह अपराध माना जाता है, और अगर इससे कोई हादसा होता है तो भारतीय न्याय संहिता की कड़ी धाराएं भी लागू होती हैं. हादसा होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाती है. फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है. कॉन्स्टेबल नरसिम्हुलु को तुरंत इलाज दिया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
भारत में सड़क हादसा
Data for India की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सड़क हादसे एक बड़ी समस्या बन चुके हैं. साल 2022 में देश में 4.5 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई. हालांकि, यह माना जाता है कि असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है. भारत की नमूना पंजीकरण प्रणाली (SRS) देश के लाखों घरों से जानकारी लेकर मौत के कारणों का अनुमान लगाती है. इसके अनुसार, 2022 में करीब 2.7 लाख लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई. यह संख्या पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों से लगभग दोगुनी है.
Source: IOCL

























