इंडियन एयरफोर्स को एयरक्राफ्ट क्रैश से बड़ा नुकसान, जानें कितने का आता है एक तेजस विमान?
Tejas Fighter Jet Crash: बीते 11 महीनों में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट 3 बार क्रैश हो गया, लेकिन क्या आपने सोचा है कि एक तेजस को गंवाने का नुकसान कितना बड़ा हो सकता है?

भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए एक और बड़ा नुकसान हुआ है. इस महीने की शुरुआत में तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) का एक विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से बाहर निकल गया, जिससे विमान के एयरफ्रेम को गंभीर नुकसान पहुंचा. पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन विमान क्षतिग्रस्त हो गया. यह तेजस से जुड़ी तीसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसके बाद IAF ने अपने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों के पूरे बेड़े को उड़ान से रोक दिया है. जांच के लिए व्यापक तकनीकी जांच चल रही है.
एक तेजस गंवाने पर कितने करोड़ का नुकसान?
तेजस Mk-1A का यूनिट कॉस्ट हाल के बड़े ऑर्डर के आधार पर काफी बढ़ चुका है. 2025 में सरकार ने HAL से 97 तेजस Mk-1A खरीदने का फैसला किया था, जिसकी कुल कीमत 62,370 करोड़ रुपए थी. इससे हर विमान की औसत कीमत 640-650 करोड़ रुपए बैठती है. पहले के ऑर्डर में यह कीमत 550-600 करोड़ के आसपास थी, लेकिन इंजन (GE F404), फॉरेन एक्सचेंज रेट और अन्य लागत बढ़ने से अब यह ज्यादा हो गई है.
दुर्घटना कब और कैसे हुई?
7 फरवरी 2026 को एक अग्रिम मोर्चे के एयरबेस पर यह हादसा हुआ. विमान ट्रेनिंग सॉर्टी से लौट रहा था, जब लैंडिंग के दौरान संदिग्ध ब्रेक फेलियर की वजह से यह रनवे से बाहर निकल गया और डिच में जा गिरा. पायलट ने सुरक्षित ईजेक्ट किया और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई.
यह तेजस की तीसरी दुर्घटना है:
- पहली: मार्च 2024 में जैसलमेर के पास क्रैश.
- दूसरी: नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान क्रैश, जिसमें पायलट की मौत हो गई थी.
- तीसरी: फरवरी 2026 में यह लैंडिंग हादसा.
इन तीनों घटनाओं से तेजस प्रोग्राम पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब HAL तेजस Mk-1A की डिलीवरी में देरी का सामना कर रहा है. तीन दुर्घटनाओं में खराब हुए विमानों की अनुमानित कीमत करीब 2 हजार करोड़ रुपए बैठती है.
- अगर हर विमान की कीमत औसतन 640 करोड़ रुपए मानें, तो तीनों का कुल नुकसान लगभग 1,920 करोड़ रुपए हो सकता है.
- अगर इनमें से कुछ Mk-1A थे, तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है, क्योंकि नए वर्जन महंगे हैं.
यह सिर्फ विमान की कीमत है. इसमें ट्रेनिंग, मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और ऑपरेशनल प्रभाव का खर्च अलग से जुड़ता है. तेजस प्रोग्राम पर कुल निवेश अब तक हजारों करोड़ का है और ऐसे हादसे आत्मनिर्भर भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ा झटका हैं.
IAF ने हादसे के बाद क्या एक्शन लिया?
हादसे के बाद IAF ने सावधानी बरतते हुए सभी ऑपरेशनल सिंगल-सीट तेजस (लगभग 30) को ग्राउंड कर दिया है. जांच पूरी होने तक ये उड़ान नहीं भरेंगे. HAL और ADA (एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी) भी जांच में शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेक सिस्टम या लैंडिंग गियर में कोई तकनीकी खामी हो सकती है, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा.
तेजस भारत का पहला स्वदेशी फाइटर जेट है, जो MiG-21 जैसे पुराने विमानों की जगह ले रहा है. IAF ने अब तक 40 से ज्यादा तेजस इंडक्ट किए हैं और 180 Mk-1A का ऑर्डर दिया है. लेकिन लगातार हादसे से निर्यात की संभावनाएं और घरेलू विश्वास प्रभावित हो सकता है. HAL का शेयर भी इस खबर के बाद 2% से ज्यादा गिरा था.
Source: IOCL


























