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(Source: ECI/ABP News)

Exclusive: गुजरात चुनाव से पहले अमित शाह की abp न्यूज से खास बातचीत, बोले- भूपेंद्र पटेल ही हैं सीएम उम्मीदवार, पढ़िए पूरा इंटरव्यू

Gujarat Election 2022: गुजरात में एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा. नतीजे 8 दिसंबर को सामने आएंगे. उससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बड़ी जीत का दावा किया.

Amit Shah Interview: गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव का बिगुल बज गया है. दोनों ही राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है. हिमाचल प्रदेश में एक चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा जबकि गुजरात में एक और पांच दिसंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे. दोनों ही राज्यों में वोटों की गिनती 8 दिसंबर को की जाएगी. चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बीजेपी की वापसी का दावा किया. 

Q. कितनी बड़ी जीत का संकल्प और कितनी सीट मिलने के आसार?

A. अमित शाह ने कहा कि अभी गुजरात में जिस तरह का राजनीतिक माहौल है, भारतीय जनता पार्टी की तरफ जो झुकाव है, जनता का उत्साह दिख रहा है. ये सब देखते हुए निश्चित है कि भारतीय जनता पार्टी खुद के सारे रिकॉर्ड तोड़कर प्रचंड बहुमत के साथ फिर से एक बार सरकार बनाएगी. 

Q. एबीपी न्यूज के लिए सी-वोटर ने सर्वे किया है, अलग-अलग एजेन्सी ने भी सर्वे किया. जिसमें 131-139 के आसपास बीजेपी को सीट मिलती दिख रही है. आप क्या मानते हैं, सर्वे कितने सटीक हैं?

A. न्यूज के सर्वे की क्रेडिबिलिटी के बारे में कुछ कह नहीं सकता, लेकिन पिछले काफी सालों से गुजरात के चुनाव को मैंने देखा है, 5 बार विधायक रहा. गुजरात की जनता में, गुजरात के युवा में, गुजरात के किसानों में और खास करके गुजरात की महिलाओं का जिस तरह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा है और उत्साह का माहौल है, निश्चित ही हम अपने सारे रिकॉर्ड तोड़कर बहुमत के साथ सरकार का गठन करेंगे.

Q. गुजरात की सरकार ने कॉमन सिविल कोड लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया, कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई, आम आदमी पार्टी की ओर से ऐसा कहा गया कि सिर्फ गुजरात में ही क्यों कॉमन सिविल कोड देशभर में लागू होना चाहिए. गुजरात सरकार के कमेटी गठन के निर्णय को क्या केंद्र का समर्थन है?

A. जहां तक कॉमन सिविल कोड का सवाल है, ये जनसंघ की स्थापना से हमारे एजेन्डे का पार्ट है. कॉमन सिविल कोड भारतीय जनता पार्टी का देश की जनता को आईडियोलॉजिकल कमिटमेंट है और कॉमन सिविल कोड होना चाहिए. ये हमारा जनसंघ के समय से भारतीय जनता पार्टी तक हमारे सारे चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा रहा है. उस समय आप पार्टी तो थी नहीं, लेकिन कांग्रेस का विरोध भी नया नहीं है.

हिंदू कोड बिल जवाहरलाल नेहरू ही लेकर आये थे और कॉमन सिविल कोड का आज तक कांग्रेस ने विरोध ही किया है, क्योंकि कांग्रेस ने आज तक तुष्टिकरण की राजनीति की है. आर्टिकल 44 के अंदर गार्डियन प्रिंसिपल दिये गये हैं. उसमें संविधान निर्माताओं ने एक अपेक्षा रखी थी कि भविष्य में देश की संसद, देश की विधान मंडल कॉमन सिविल कोड लायें और कॉमन सिविल कोड के माध्यम से पूरे देश में धर्म के आधार पर कोई कानून नहीं होने चाहिए. आर्टिकल 14 और आर्टिकल 15 दोनों स्पष्ट हैं कि किसी भी व्यक्ति को समान रूप से ट्रीटमेंट मिलनी चाहिए. धर्म के आधार पर किसी को स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिलनी चाहिए. किसी के साथ अन्याय भी नहीं होना चाहिए. 

Q. डबल इंजन की सरकार तो 2014 से ही गुजरात के लिये स्थापित हो चुकी थी तो क्या कारण है कि चालू टर्म में ही डबल इंजन के चालक का नेतृत्व बदलना पड़ा और नेतृत्व चेंज करने के बाद संगठन और गुजरात को क्या फायदा हुआ?

A. नरेंद्र भाई के जाने के बाद आनंदीबेन आईं, आनंदीबेन हमारी पार्टी पॉलिसी के मुताबिक 75 साल के होने तक शासन पर रहीं. विजयभाई आये उन्होंने 5 साल शासन के खत्म किये. भूपेन्द्रभाई आये और उनके नेतृत्व में हम चुनाव लड़ रहे हैं, इसमें बदलाव क्या किया. कांग्रेस के शासन में 1965 से लेकर इंदिरा गांधी के जिंदा रहने तक तक 2 वर्ष और 1 महीने का मुख्यमंत्री रहता था. ये सवाल आपको कांग्रेस से पूछना चाहिए. विजय भाई ने 5 साल खत्म किया, आनंदीबेन को लेकर भी हमारी पार्टी के क्राइटेरिया के कारण निर्णय हुआ और भूपेंद्र भाई के नेतृत्व में चुनाव हो रहे हैं.

Q. तो ऐसा मान सकते हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा भूपेंद्रभाई हैं और चुनाव के बाद भूपेंद्रभाई मुख्यमंत्री होंगे?

A. भूपेंद्रभाई के नेतृत्व में चुनाव हो रहे हैं. भूपेंद्रभाई पटेल के नाम पर ही मेंडेंट मांगना है. उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी चुनाव लड़ रही है. उनको ही गुजरात की जनता मुहर मारेगी. इसमें परिवर्तन की बात ही क्या है.

Q. परिवर्तन की बात करें तो सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं गुजरात के इतिहास में पहली बार पूरा मंत्रिमंडल चेंज हुआ. क्या जरूरत थी और उसके बाद जो नए चेहरे आये उसे क्या फायदा?

A. सवाल जरूरत का नहीं है. पार्टी कई बार एक्सपेरिमेंट भी करती है, कई बार निर्णय भी लेती है, पहले गुजरात के निकाय चुनाव में भी नियम किया था कि किसी को टिकट नहीं, संपूर्ण परिवर्तन. उसे गुजरात की जनता ने पसंद किया था. इस बार भी निर्णय लिया. ये एक प्रकार से पार्टी का निर्णय है. ये निर्णय के सामने किसी ने भी विरोध नहीं किया. सबने हंसते हुए पार्टी के निर्णय का स्वागत किया. 

Q. बीजेपी केडर बेस पार्टी है. आपका अनुभव, आपका आंकलन, आपका गणित क्या कहता है, जो लोग ड्रॉप हुए वो लोग क्या पक्ष की मदद उसी तरीके से करेंगे?

A. पार्टी की मदद जरूर करेंगे. पक्ष को जिताने के लिये भी एड़ी चोटी का जोर लगाकर काम करेंगे. अभी हमारी टिकट देने की प्रक्रिया चल रही है, सब अपने अनुभव और अपनी समझ के अनुसार टिकट देने की प्रक्रिया में कंट्रीब्यूट कर रहे हैं. 

Q. इस बार आम आदमी पार्टी भी आ चुकी है. पिछले थोड़े समय से प्रचार प्रसार भी कर रही है?

A. पिछली बार भी थी.

Q. लेकिन उस समय मिठाई नहीं बेच रही थी?

A. मिठाई बेचने की तो उनकी प्रकृति है.

Q. आपको क्या लग रहा है बीजेपी बनाम कांग्रेस होगा या फिर त्रिपांखी जंग?

A. मैं नहीं मानता कि गुजरात में कभी भी तीसरे पक्ष का स्थान रहा है. मेरी समझ के मुताबिक मेरे आने के बाद से तो मैंने पॉलिटिक्स में ऐसा देखा नहीं है.

Q. बीजेपी का नारा है 'भरोसा नी सरकार', कांग्रेस का नारा है 'काम बोले छे', केजरीवाल आम आदमी पार्टी का नारा है 'एक मोको केजरीवाल ने', इन तीन नारों में अमित शाह को क्या फर्क दिखता है?

A. एक बात चीमनभाई पटेल एक समर्थ राजकीय नेता थे. ये देश के सब राजनीतिक समझ वाले लोगों को स्वीकार करना पड़ेगा. उन्होंने किमलोक करके एक पार्टी बनाई 4 साल में खत्म. शंकरसिंह वाघेला ने भी अपनी पार्टी बनाई थी खत्म. रती भाई ने अपनी पार्टी बनाई वो भी खत्म. कितने लोगों ने काम किया. केशुभाई पटेल ने भी पार्टी बनाई थी उनकी भी नहीं चली. गुजरात में तीसरी पार्टी के लिए जगह ही नहीं है. गुजरात के अंदर सीधी स्पर्धा दो पार्टियों के बीच में है. पहले जनता पार्टी थी, तब जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच. भारतीय जनता पार्टी धीरे-धीरे आगे बढ़ी. अब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सीधी स्पर्धा रहती है. 

Q. शहरी विस्तार, महानगरपालिका या नगरपालिका हमेशा बीजेपी के साथ रहा है. ग्रामीण विस्तार में ये जनमत कम रहा है. इस चुनाव में क्या अपेक्षा ग्रामीण विस्तार से?

A. 1990 से हमेशा भारतीय जनता पार्टी के गणित में ग्रामीण बैंकों का आंकड़ा सबसे बड़ा होता है. रिजर्व सीटों का आंकड़ा सबसे बड़ा होता है. भारतीय जनता पार्टी समुद्र किनारा हो या पहाड़ी विस्तार हो, जंगल हो, शहर हो या गांव, हर जगह पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के विकास के एप्रोच से मजबूती के साथ अपना स्थान बनाया है. 

Q. गुजरात का विकास मॉडल तो सबने देखा है, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली के मॉडल की बात करते हैं. दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल की बात करते हैं. आप तो दिल्ली में रहते हैं, आपको क्या अलग लगा?

A. अभी किसी ने नारा दिया कि हम फ्री शिक्षण देंगे. उनको पता नहीं है कि गुजरात में 1960 से शिक्षा फ्री है, अब जो लोगों को गुजरात का पता ही नहीं है, 1960 से यहां शिक्षण फ्री है, 8वीं कक्षा तक फीस नहीं है. आप भी गुजरात में पढ़े होंगे और आपने भी अगर सरकारी शाला में से शिक्षण लिया होगा तो आपने भी फीस नहीं दी होगी. गुजरात के अंदर जिस प्रकार से विकास हुआ है, गुजरात के अंदर जिस तरह के परिणाम मिले हैं, गुजरात छोड़ो देश के अंदर कोई देश में कल्पना नहीं कर सकता था कि 370 को नरेंद्र भाई इतनी दृढ़ता के साथ उखाड़ फेकेंगे और बाद में कश्मीर में किसी ने गोली नहीं चलाई. कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि राम जन्मभूमि का शिलान्यास एक भी खून का कतरा बहाये बिना, संवैधानिक तौर पर हो सकता है और आज भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है. 

उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ का मंदिर औरंगजेब ने तोड़ा, उसके बाद अब तक लोगों का स्वप्न था. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गंगा और काशी विश्वनाथ का समन्वय आज इतने सालों बाद देखने को मिला. भगवान महाकाल का मंदिर हो, केदारधाम, बद्रीधाम, गुजरात के पावागढ़, अंबाजी के सोमनाथ हो, ये सब आस्था के केंद्र को हमने मजबूत किया है. सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक देश की सीमाओं को सुरक्षित किया. यूक्रेन और रशिया का युद्ध हो, हजारों भारतीय विद्यार्थी जो फंसे हुए थे और देश के पीएम ने रात को एक बजे रशिया और यूक्रेन के राष्ट्रीय अध्यक्षों को फोन किया कि हमारे लोग फंसे हुए हैं, ढाई दिन लगेंगे उन्हें बाहर ले आने में और ढाई दिन तक दोनों ओर से युद्ध बंद हो. भारत के सब बच्चे लौट आये.

राजपथ नाम करोड़ों देशभक्तों के मन में चुभता था. किंग जॉर्ज 5 का जहां पुतला लगा था वो जगह खाली थी. करोड़ों लोगों के दिल में चुभ रही थी वो बात, आज सुभाषचंद्र बोस का भव्य स्टैच्यू लगा. लोकतांत्रिक स्वप्न को साकार करता कर्तव्य पथ का नाम दिया गया. देश के अंदर जो परिवर्तन हुआ है, स्टार्टअप की भरमार है. देश दुनिया में उत्पादन का हब बन रहा है. समग्र विश्व भारत की महत्ता को नरेंद्र भाई के नेतृत्व में स्वीकार कर रहा है. इन सब की शुरुआत गुजरात से हुई. आज गुजरात का वही मॉडल पूरे देश के अंदर विकास कर रहा है और उसके आधार पर मणिपुर में हम दूसरी बार जीते, असम में दोबारा जीत हासिल की, उत्तर प्रदेश में दोबारा जीते, अनेक जगहों पर हमारी सरकार जहां कभी नहीं थी वहां हमारी सरकार बनी और हम रिपीट हुए. 

Q. बीजेपी के दो संकल्प थे, राम मंदिर और 370 हटाना. अब अमित शाह और बीजेपी का क्या संकल्प है जिस दिशा में आगे बढ़ेंगे?

A. ना ना ट्रिपल तलाक भी हमारा संक्लप रहा है. राम जन्मभूमि, कॉमन सिविल कोड सारे संकल्प पूरे हुए हैं. भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा संकल्प देश दुनिया में सबसे आगे रहना, हर एक क्षेत्र में सबसे आगे. आजादी के अमृत महोत्सव में नरेंद्र जी ने 2047 में जब आजादी की शताब्दी हो समग्र विश्व में हर एक क्षेत्र में देश पहले नंबर पर हो, इस प्रकार का संकल्प देश की 130 करोड़ जनता के सामने रखा है. मुझे विश्वास है कि नरेंद्र भाई गुजरात के ही हैं और नरेंद्र भाई के नेतृत्व में देश ने इतना बड़ा विकास किया है. 2022 के इलेक्शन में गुजरात की जनता नरेंद्र भाई की अपील को मान सब रिकॉर्ड तोड़े, इस प्रकार प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी.

Q. उम्मीदवार पसंदगी की प्रक्रिया जोर शोर से चल रही है, कब तक खत्म होगी और आप अगर कुछ क्राइटेरिया के बारे में कहना चाहें?

A. बीजेपी का एकमात्र क्राइटेरिया है, जो जीत सके वैसे उम्मीदवार को ढूंढ के टिकट देनी है. ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतनी हैं. जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़कर फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी है. 

Q. आपकी रणनीति और पीएम मोदी का चेहरा, इस दौरान अनेक राज्यों में बीजेपी चुनाव लड़ी और जीती भी. आप दोनों का ये गृह राज्य है तो ऐसे में गुजरात बीजेपी को ये चुनाव कितना फायदा दे सकता?

A. बूथ कार्यकर्ता से लेकर नरेंद्र भाई तक...भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता का परिश्रम और उनका निष्ठापूर्वक सरकार चलाते समय किये हुए अच्छे कर्म का फल भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा. प्रचंड बहुमत के साथ पुराने रिकॉर्ड टूटने के साथ भारतीय जनता पार्टी 2022 का चुनाव फिर से जीतेगी.

Q. अंतिम सवाल एक पत्रकार के तौर पर नहीं, आम इंसान के तौर पर पूछना चाहता हूं. मेरा खुद का आब्जर्वेशन है अमित शाह देश के गृह मंत्री, अमित शाह बीजेपी में महत्वपूर्ण भूमिका में, मैंने जितने भी सांसद को देखा है किसी के साथ तुलना नहीं करेंगे, उसमें सबसे ज्यादा समय देश के इतने बड़े नेता होने के बावजूद आपने गांधीनगर लोकसभा मत विस्तार के लिये दिया है. साथ में मेरा ये भी आब्जर्वेशन है अनेक कार्यक्रमों में उपस्थिति और फैमिली लाइफ में आपका अच्छा मैनेजमेंट है. युवा नेताओं को अगर समझा पाएं तो टाइम मैनेजमेंट और मत विस्तार के लिये क्या कहेंगे?

A. युवा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हों, बाकी सब भारतीय जनता पार्टी सिखा देगी. ये अमित शाह को सिखाने की जरूरत नहीं है. भारतीय जनता पार्टी देश की राजनीति के अंदर राजनैतिक सूचिता, निष्ठावान राजनीति, पारदर्शीय राजनीति, विकासलक्षी राजनीति की पाठशाला है. बीजेपी में युवा जोड़े और भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर देश की सेवा करने का अवसर लें, बाकी सब भारतीय जनता पार्टी शिविरों के अंदर सिखा देगी. 

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