एक्सप्लोरर

ऑक्सीजन सिलेंडर मामलाः दिल्ली कोर्ट ने AAP MLA इमरान हुसैन से ऑक्सीजन की खरीद के दस्तावेज दिखाने को कहा

दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन सिलेंडर मामले को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन से सवाल पूछे हैं. इस दौरान हाई कोर्ट ने उन्हें संबंधित दस्तावेज भी जमा कराने को कहा है.

नई दिल्लीः ऑक्सीजन सिलेंडर मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के मंत्री इमरान हुसैन से सवाल पूछा. कोर्ट ने इमरान हुसैन के वकील से पूछा कि ऑक्सीजन सिलेंडकर कहां से आए. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी के विधायक इमरान हुसैन को ‘रिफिलर' के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई थी.

दिल्ली हाई कोर्ट में आप विधायक इमरान हुसैन ने दावा किया कि 10 ऑक्सीजन सिलेंडर दिल्ली से किराए पर लिए और फरीदाबाद से रीफिल कराकर अपने विधानसभा में लोगों के बीच ऑक्सिजन बांटी.

इमरान हुसैन के इस जवाब के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे संबंधित दस्तावेज अदालत में जमा कराएं. साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि कोई अपने संसाधनों से चीजें जुटाए और जनता के बीच बांट यह जमाखेरी में नहीं आता है.

दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर आप के मंत्री पर जमाखोरी का आरोप लगाया गया था. जिसके बाद सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि जमाखोरी वहां है जहां पर कोई इन सामानों को अपने गोदाम में रख कर बैठ जाए और कालाबाजारी के लिए बाजार में ज्यादा कीमतों में बेचे.

हालांकि दिल्ली सरकार ने मांग की थी कि इस मामले की सुनवाई 17 मई तक के लिए स्थगित कर दी जाए. याचिका आगे बढ़ाने को लेकर दिल्ली सरकार ने तर्क दिया कि इस मुद्दे पर और भी कई नेता अपना हलफनाम दायर कर सकते हैं.

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका सुनवाई के लिए दायर की गई थी इस याचिका में नेताओं पर ऑक्सिजन की जमाखोरी करने का आरोप लगाया गया था. जिसके बाद कोर्ट ने ऑक्सिजन वितरित करने के दावे पर आम आदमी पार्टी के विधायक इमरान हुसैन से जवाब तलब किया था.

कैंसर का पता लगाने की तकनीक में महत्वपूर्ण सफलता, 100 फीसद प्रभावी होने का दावा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Xप्लेन: कैसे होती है मानसून की भविष्यवाणी, बारिश अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है जरूरी?
Xप्लेन: कैसे होती है मानसून की भविष्यवाणी, बारिश अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है जरूरी?
भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन से लदी पहली ट्रेन
भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन से लदी पहली ट्रेन
भारत ने इजरायल से डिफेंस डील के लिए किया एप्रोच? सरकार ने बताई सच्चाई
भारत ने इजरायल से डिफेंस डील के लिए किया एप्रोच? सरकार ने बताई सच्चाई
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
Embed widget