नमाज़ खुली जगह की बजाए मस्जिद में पढ़ी जानी चाहिएः मनोहर लाल खट्टर
मनोहर लाल खट्टर ने ये माना कि राज्य में न्याय और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन ये भी कहा कि हाल में खुले में नमाज़ पढ़ने के मामलों में इजाफा हुआ है.

नई दिल्लीः हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव में कुछ नमाज़ियों को खुले में नमाज़ पढ़ने से रोके जाने की घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि खुली जगहों की बजाए मस्जिद या ईदगाह में नमाज़़ पढ़ी जानी चाहिए.
खट्टर ने कहा कि जो जगहें नमाज़ पढ़ने के लिए हैं, वहीं नमाज़ पढ़ी जानी चाहिए. नमाज़ ईदगाह या मस्जिद में पढ़ी जानी चाहिए और अगर नमाज़ पढ़ने की उनकी जगह कम पड़ती है तो उन्हें अपने निजी स्थान पर नमाज़ पढ़नी चाहिए. ये ऐसे विषय नहीं हैं जिनका सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन हो.
मनोहर लाल खट्टर आज इज़रायल और ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे. हालांकि उन्होंने ये माना कि राज्य में न्याय और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन ये भी कहा कि हाल में खुले में नमाज़ पढ़ने के मामलों में इजाफा हुआ है. जब तक इस पर सवाल नहीं उठाए जाते तब तक ये ठीक है पर अगर किसी विभाग से आपत्ति आती है तो हमें सतर्क रहना होगा. लिहाजा हम ऐसी घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं. पहले खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर कोई दिक्कतें नहीं थीं पर हालिया समय में इनकी संख्या बढ़ने के कारण हम इनपर ध्यान दे रहे हैं. हम लोगों से बातचीत कर रहे हैं कि खुले में नमाज़ पढ़ने की बजाए इनके लिए तयशुदा जगहों पर नमाज़ पढ़ी जाए.
हालांकि खट्टर ने ये माना कि राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी है पर वो इस बात को दोहराते रहे कि खुले की बजाए मस्जिद या ईदगाह में नमाज़ पढ़ी जानी चाहिए. राज्य में संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने खुले में नमाज़ पढ़ने वालों को रोकने के लिए बंद का आह्वान किया है. इससे पहले 20 अप्रैल को सेक्टर 53 के एक खुले प्लॉट में नमाजियों को नमाज़ पढ़ने से रोकने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. ये लोग जय श्री राम और राधे-राधे के नारे लगा रहे थे.
हालांकि इनकी गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने एक मार्च का आयोजन किया और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर को एक ज्ञापन दिया. गुरुग्राम कोर्ट ने पिछले सोमवार को इन आरोपियों को जमानत दे दी.
वहीं इस शुक्रवार को हिंदुत्ववादी संगठनों ने गुरुग्राम के साइबर पार्क और सहारा मॉल के करीब एक प्लॉट पर कुछ लोगों को खुले में नमाज़ पढ़ने से रोका. इफ्को चौक के पास इस जगह पर नमाजियों को नमाज़ पढ़ने नहीं दी गई. इस तरह की अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिन खुली जगहों पर नमाज़ पढ़ी जाती है उन जगहों को सुरक्षा देने के लिए कहा है और वक्फ बोर्ड से अनुरोध किया है कि ऐसी जगहों की पहचान की जाए जहां प्रार्थनाएं की जा सकें.
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