Gujarat Election 2022: 'मैं खुश हूं...', गुजरात में बीजेपी ने लॉन्च किया कैंपेन
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की सेंट्रल लीडरशिप ने हैप्पीनेस कैंपेन को हरी झंडी दी थी. यह कैंपेन पार्टी डिजिटल माध्यमों के अलावा ऑटो रिक्शा और बिल बोर्ड पर भी दिखाई देगा.

Gujarat Assembly Election 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने हैप्पीनेस कैंपेन लॉन्च कर दिया है. बीजेपी की सेंट्रल लीडरशिप की बैठक में इस कैंपेन को मंजूरी दी गई. कैंपेन को कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि इस कैंपेन के साथ आम गुजराती की भावना को जोड़ा जा सके. इसके तहत 20 सालों के दौरान जो योजनाएं और उपलब्धियां सरकार ने हासिल की हैं या जो गुजरात की पहचान देश भर में बनी है उस पहचान को उभारा गया है.
क्या है कैंपेन की थीम?
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बनाई जाने वाले कैंपेन के चार मेन टॉपिक अभी तक सामने आये हैं.
'मैं खुश हूं गुजरात में नर्मदा का पानी आखिरी कोने तक पहुंच रहा है.'
'मैं खुश हूं कि गुजरात में मैं सुरक्षित हूं'
'मै खुश हूं कि गुजरात में उन्नति है'
'मैं खुश हूं कि गुजरात में व्यापार है'
नई पीढ़ी के नेताओं को दी जाएगी जिम्मेदारी
गुजरात में छठवीं बार चुनावी वैतरणी पार करने के लिए बीजेपी पिछले कई सालों में हुए विकास को कैंपेन के जरिए लोगों तक पहुंचाएगी. बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई और करीब 100 से ज़्यादा सेट्स पर तीन-तीन उम्मीदवारों के पैनल पर मुहर लग गई है, लेकिन इस बीच बैठक में पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के नेताओं की हिस्सेदारी भी बढ़ने जा रही है.
कई नेताओं का कटेगा टिकट
गुजरात की विजय रूपाणी सरकार में शामिल जिन मंत्रियों को पिछली बार हटाया गया था उनमें से कई बड़े नेताओं का पार्टी टिकट काटने जा रही है. इनमें से जिन कद्दावर नेताओं का टिकट काटा जाएगा उनका टिकट काट कर बीजेपी नई पीढ़ी के उम्मीदवारों पर अपना दांव लगाने जा रही है. पार्टी ने तय किया है कि इस बार विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी बढ़ाया जाएगा. इसके लिए करीब एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं को टिकट देने की तैयारी की जा रही है.
गुजरात में नई पीढ़ी को मिलेगा प्रतिनिधित्व
बीजेपी गुजरात (BJP Gujarat) में हैप्पीनेस कैंपेन (Happiness Campaign) के साथ-साथ पुरानी पीढ़ी की जगह नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने जा रही है. वहीं महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाकर एक सीधा पैगाम भी देने जा रही है कि राजनीति में युवाओं के बीच महिलाओं का भी प्रतिनिधित्व बढ़े.
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Source: IOCL
























