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संसद के इस सत्र में अबतक पारित हुए 21 बिल, बन सकता है सबसे ज़्यादा बिल पारित होने का रिकॉर्ड
अबतक संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल 21 बिल पारित हो चुके हैं. सत्र की शुरुआत में सरकार के एजेंडे में 36 लम्बित विधेयक थे, जिन्हें पारित करवाया जाना था, लेकिन तीन बिल और जुड़कर उनकी संख्या 39 हो चुकी है.

नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला संसद सत्र रोजाना नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. उत्पादकता के नजरिए से पिछले 20 साल में सबसे ज्यादा काम करने का रिकॉर्ड बनाने के बाद अब संसद में सबसे ज्यादा बिल पारित होने का रिकॉर्ड बन सकता है. कल लोकसभा में पास हुए तीन बिल गुरुवार को लोकसभा में तीन बिल पारित किए गए. इनमें 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले में फांसी की सजा वाला पोक्सो बिल भी शामिल है. ऐसा कम ही होता है कि एक ही दिन में संसद के किसी सदन में तीन बिल पारित किया गया हो. इसी के साथ इस बात की संभावना बढ़ गई है की इस बार के संसद सत्र में आजादी के बाद किसी सत्र में सबसे ज्यादा बिल पारित किए जाएंगे. गुरुवार रात करीब 9:15 बजे दिन का आखरी बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सरकार और विपक्ष के सभी सदस्यों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि सब के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है. ऐसा अनुमान है कि अगर सरकार अपने सभी प्रस्तावित भी लोगों को पारित करवाने में कामयाब हो जाती है तो आजादी के बाद एक सत्र में सबसे ज्यादा बिल पारित होने का रिकॉर्ड बन जाएगा. अबतक दोनों सदनों से 21 बिल हो चुके हैं पारित संसदीय कार्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक़, अबतक संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल 21 बिल पारित हो चुके हैं. वहीं लोकसभा में जहां 27 बिल तो राज्यसभा में 23 बिल पारित चुके हैं. दरअसल सत्र की शुरुआत में सरकार के एजेंडे में 36 लम्बित विधेयक थे, जिन्हें पारित करवाया जाना था, लेकिन तीन बिल और जुड़कर उनकी संख्या 39 हो चुकी है. जो नए बिल जोड़े गए हैं, उनमें सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल और जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फ़ीसदी आरक्षण वाला बिल शामिल है. सरकार के सूत्रों ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि सरकार की मंशा इन सभी 39 बिलों को इसी सत्र में पारित करवाने की है. अबतक जो बिल दोनों सदनों से पारित हुए हैं उनमें तीन तलाक़ बिल, आरटीआई संशोधन बिल, मोटर व्हीकल संशोधन बिल और नेशनल मेडिकल कमीशन बिल प्रमुख रूप से शामिल हैं. विपक्षी पार्टियां खड़े कर रही हैं सवाल हालांकि विपक्ष ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने सदन में कहा कि सरकार विधायी प्रक्रिया का पालन किए बिना आनन फानन में सभी बिलों को पारित करवा रही है. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने तो यहां तक पूछ डाला कि सरकार बिल पारित करवा रही है या पिज़्ज़ा डिलीवरी कर रही है. तीन तलाक़ बिल और आरटीआई संशोधन बिल समेत 7 बिलों को विपक्ष ने राज्यसभा की सेलेक्ट कमिटी के पास भेजने की मांग की थी लेकिन सरकार ने उसे खारिज़ कर दिया. सरकार के सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज़्यादातर बिल 16वीं लोकसभा से ही लंबित है उन्हें स्थाई समितियों के पास भेजा जा चुका है. सत्र की वर्तमान अवधि 2 दिन और बढ़ाए जाने की भी अटकलें उधर बिलों की लंबी सूची को देखते हुए संसद सत्र की वर्तमान अवधि 2 दिन और बढ़ाए जाने की भी अटकलें लगने लगी हैं. दरअसल सरकार को अभी भी करीब 15 बिल दोनों सदनों से पारित करवाने हैं. अगर रोजाना औसतन तीन बिल भी पारित होते हैं तो इसके लिए पांच कार्य दिवस चाहिए. जबकि संसद सत्र खत्म होने में अब केवल चार कार्य दिवस ही बचे हैं. ऐसे मैं संसद की अवधि 7 अगस्त से बढ़ाकर 9 अगस्त तक करने की भी अटकलें लगने लगी हैं. संसद का वर्तमान सत्र 26 जुलाई को खत्म हो रहा था लेकिन उसे बढ़ाकर 7 अगस्त तक कर दिया गया है. यह भी पढ़ें जम्मू कश्मीर पहुंचे केंद्रीय सुरक्षाबल के 28 हजार जवान, श्रीनगर के सभी मुख्य नाकों पर हो रही है तैनाती अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर कहा- भारत-पाक चाहें तो कर सकते हैं मध्यस्थता, सब पीएम मोदी पर निर्भर अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ ‘भड़काऊ भाषण’को लेकर दो शिकायतें दर्ज शत्रुघ्न सिन्हा ने फिर की प्रियंका गांधी की तारीफ, कहा- ‘हमारे पास है युवा अध्यक्ष, फिर देरी क्यों?’
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Source: IOCL























